ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर की सड़क पर कोटा में चंबल नदी पर बना हैंगिंग ब्रिज का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रिमोट दबाकर उदयपुर से किया। मोदी की सभा और हैंगिंग ब्रिज के उद्घाटन की लाईव तस्वीरें कोटा में भी दिखाई गई। अपने शहर को इतनी बड़ी सौगात मिलने की खुशी में लोगों का भारी हुजूम आज हैंगिंग ब्रिज पर जमा हो गया जहां बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से लोगों ने उदयपुर से सीधा प्रसारण देखा।
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48 मजदूरों की गई थी जान,पूरा होने में लगे 10 साल
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फाइल फोटो
साल 2007 से चम्बल नदी पर इस ब्रिज का निर्माण शुरु किया गया,साल 2009 में ब्रिज के दूसरी ओर निर्माधीन पिल्लर गिरने से 48 मजदूरों की मौत गई थी। उसके बाद निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा था लेकिन पिछले दो सालों में कार्य तेजी से हुआ और अब 213.58 करोड़ की लागत का यह ब्रिज बनकर तैयार है। ब्रिज की सड़क के नीचे डेक बना है। इसके भीतर 2.5 मीटर चैड़ा ऊंचा सुरंगनुमा होलो सेक्शन है जिसमें एक हाथी घूम सकता है।
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ब्रिज पर वजन बढ़ते ही बज उठेगा सायरन
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कोटा हैंगिंग ब्रिज पर जमा लोगों की भीड़
- फोटो : amar ujala
इस ब्रिज पर इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम लगेगा। ये ब्रिज पर ट्रैफिक लोड बढ़ने, भारी बारिश, हवा, तूफान, चक्रवात, भूकंप आदि किसी प्राकृतिक आपदा पर कंट्रोल रूम को सूचना देगा। ट्रैफिक डायवर्ट करने अथवा रोकने का निर्णय कंट्रोल रूम पर तैनात अधिकारी लेगा। देश में अभी नैनी ब्रिज पर ही ऐसी व्यवस्था है।
और ऐसे काम करेगी केबल
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कोटा हैंगिंग ब्रिज पर लोड टेस्ट करते ट्रक
- फोटो : amar ujala
केबल के भीतर स्ट्रैंड का बंच है, जो एचडीपीई पाइप के अंदर होते हैं। ये एयरो डायनामिक है ताकि तेज हवा का कोई असर ना हो। इसकी उम्र 50 साल है। जापान में बने ये स्ट्रैंड 15.7 एमएम मोटे हैं। इसकी स्ट्रैंथ 1860 मेगा पास्कल है। केबल की न्यूनतम लंबाई 41 मीटर और अधिकतम लंबाई 179 मीटर है। केबल 2 से 300 एमएम मोटी है।
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80 मीटर ऊंचा है पायलॉन
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कोटा हैंगिंग ब्रिज
- फोटो : amar ujala
जिस पायलॉन पर केबल कसी हुई हैं वो डेक के ऊपर 80-80 मीटर ऊंचा है। इसे भी विशेष तकनीक से बनाया गया है। इसमें 33 मीटर तक कांक्रीट का स्ट्रक्चर है और उसके ऊपर स्टील कांक्रीट के बॉक्स का कंपोजिट स्ट्रक्चर है। प्रत्येक में 20-20 बॉक्स लगे हुए हैं। हर एक बॉक्स से दो केबल निकलती है। एक केबल लिटरल स्पॉन की तरफ और दूसरी मेन स्पॉन की तरफ। 1860 मेगापास्कल है नदी के ऊपर झूलते हिस्से को संभालने वाले केबल की स्ट्रेंथ।
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मुंबई से भी बड़ा है हैंगिंग पार्ट
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राजीव गांधी सी लिंक, मुंबई
देश में ये पांचवां हैंगिंग ब्रिज है। इसके 1.4 किमी लंबाई में से 350 मीटर का हिस्सा हैंगिंग रहेगा। जो देश में अभी तक सबसे बड़ा है। मुंबई सी लिंक के हैंगिंग पार्ट की लंबाई 250 मीटर है। इलाहाबाद का नैनी ब्रिज 260 मीटर कोलकाता के 2 ब्रिज 200 मीटर 110 मीटर हैंगिंग ओपनिंग वाले हैं।
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8 देशों के एक्सपर्ट्स ने किया है इसे डिजाइन
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चंबल हैंगिंग ब्रिज,कोटा
ब्रिज में 8 देशों के एक्सपर्ट तकनीक काम आई है। डिजाइन फ्रांस की सिस्ट्रा, सुपरविजन यूएस की एलबीजी कंपनी के जिम्मे है, प्रूफ चेक कंसल्टिंग कंपनी डेनमार्क की कोवी इंजीनियरिंग है, बेरिंग इटली तो केबल जापान से आई है, केबल का काम फ्रांस की कंपनी फ्रेशिनेट ने किया है। स्पेशल स्टील यूक्रेन जापान से आया। निर्माण साउथ कोरिया की हुंडई और भारत की गैमन इंडिया कंपनी ने किया हैं।
ये इतना चौड़ा है कि यहां आराम से 3 ट्रक एकसाथ निकल सकते हैं
- फोटो : amar ujala
दूर से सामान्य से दिखने वाले इसके दोनों पायलॉन के भीतर से ऊपर तक जाने के लिए 1.5 गुणा 0.8 वर्गमीटर का होलोसॉफ्ट यानि रास्ता बना हुआ है। बीच में सीढ़ी है। ब्रिज की सड़क के नीचे डेक बना है। इस डेक के भीतर 2.5 मीटर चैड़ा ऊंचा सुरंगनुमा होलो सेक्शन बना है जिसमें एक हाथी आराम से घूम सकता है। इस होलोसॉफ्ट को इसलिए बनाया जाता है ताकि पायलॉन केबल की जांच की जा सके पुल का लोड फैक्टर के मानक के अनुसार अधिकतम (70आर) रखा गया है। लोड ट्रांसफर तथा एडजस्ट करने के लिए इसमें इटली के विशेष बियरिंग लगे हैं। पी-4 पर 4 बियरिंग लगे हुए हैं। इसमें से 3 बियरिंग 360 डिग्री पर घूमते हैं, 1 बियरिंग 180 डिग्री मूव करेगा। इसी तरह पी-1, पी-2, पी-3, पी-6, पी-7 पी-8 में 2-2 बियरिंग लगे हुए हैं।