वैसे तो भारतीय रेल के आधुनिकीकरण के साथ पूरा भारत ही मीटर गेज मुक्त होने जा रहा है लेकिन राजस्थान में आज भी एक ऐसी जगह है जहां 'छोटी लाइन' यानि मीटर गेज की ट्रेन का सफर रोमांच और सौंदर्य से भरपूर है।
विज्ञापन
रोमांच से भरा आखिरी सफर
2 of 6
ट्रेन की छत पर बैठकर गोरमाघाट के नजारों का आनंद लेते यात्री,हालांकि ऐसे करना दंडनीय अपराध है
ये रोमांचक सफर शुरु होता है लेकसिटी उदयपुर के मावली जंक्शन से जहां मारवाड़ जंक्शन तक का यह 151 किलोमीटर का रास्ता अरावली की पहाड़ियों से होकर गुजरता है। यात्रियों के लिए यह सफर काफी रोमांच से भरा होता है। मीटर गेज की इस लाइन पर ट्रेनें घने जंगलों, छोटे बड़े पहाड़ों से होकर गुजरती है। लेकिन राजस्थान में मीटर गेज ट्रेन का एक आखिरी रुट भी बंद होने जा रहा है। यहां अब मीटर गेज की जगह लाइन को परिवर्तित कर इसे बड़ी लाइन में तब्दील किया जाएगा।
विज्ञापन
राजस्थान की टॉय ट्रेन दिया जा चुका है नाम
3 of 6
मारवाड़ पैसेंजर
- फोटो : Internet
उदयपुर संभाग में चलने वाली मीटर गेज की ट्रेनों को राजस्थान की टॉय ट्रेन भी कहा जाता है। यहां का नजारा बेहद ही खूबसूरत दिखाई पड़ता है। शाहरूख की 'चैन्नई एक्सप्रेस' फिल्म में दिखाए गए मनोरम दूध सागर झरने जैसा ही उदयपुर का भील की बेरी झरना है। कर्नाटक और गोवा राज्यों की सीमा पर स्थित दूधसागर झरने जैसा दिखाई पड़ता है। जब छोटी लाइन की यह सवारी गाड़ी इस जगह से गुजरती है तो यात्रियों को ये मनमोहक नजारा देखने को मिलता है। यहां ट्यूरिस्ट को मावली-मारवाड़ जंक्शन के बीच में पड़ने वाले गोरमघाट में रेल सफारी का काफी शानदार अनुभव होता है।
उदयपुर की वादियों में ब्रॉडगेज की ट्रेनें लेंगी जगह
4 of 6
मावली रुट पर जंगलो के बीच से गुजरती ट्रेन
- फोटो : Internet
दरअसल उत्तर-पश्चिम रेलवे ने मावली से मारवाड़ जंक्शन के 157 किलोमीटर लंबे रुट पर आमान परिवर्तन के कार्य को मंजूरी प्रदान कर दी है। ऐसे में बस अब कुछ ही दिनों बाद इस रुट पर मीटर गेज की ट्रेनों का आवागमन बंद हो जाएगा।
विज्ञापन
आदिवासी इलाके होंगे प्रभावित
5 of 6
रोमांचक सफर
- फोटो : Internet
मावली से मारवाड़ के बीच मीटर गेज की ट्रेनों के संचालन के बंद होने से यहां अरावली की गोद में बसे आदिवासी इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी नुकसान होगा क्योंकि इस ट्रेन के जरिए ही सैंकड़ो लोग दुर्गम इलाकों से शहरों तक आने जाने के लिए साधन के रुप में इस्तेमाल करते हैं।
राजस्थान में मीटर गेज ट्रेनों का काफी लंबा रुट नेटवर्क रहा है मगर बदलते दौर में धीरे धीरे लगभग सभी जगहों पर ब्रॉडगेज ने जगह ले ली। आखिरी बार जयपुर सीकर रेललाइन को बंद आमान परिवर्तन के लिए बंद किया गया था जिसके बाद अब मावली मारवाड़ आखिरी रुट बचा था जिसे भी जल्द ही बंद कर दिया जाएगा।