प्रदेश में आज अलसुबह सड़क हादसे ने 7 महिलाओं की जान चली गई। हादसा इतना भयानक था कि जिसने भी यहां दुर्घटना का मंजर देखा, अपने आंसू नहीं रोक पाया। यहां खास बात ये है कि अभी दो सप्ताह पहले भी 9 जनों की सड़क हादसे ने जान ले ली थी। उदयपुर-चित्तौड़ हाइवे पर आज सवेरे 5 बजे हुए दर्दनाक हादसे में टैंपो ट्रैक्स में सवार महिलाओं की कार सड़क किनारे खड़े ट्रोले में जा घुसी। हादसे के दौरान 5 महिलाओं ने तो मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो महिलाओं की अस्पताल में मौत हो गई। इससे सड़क पर खून ही खून फैल गया। इस दौरान पूरी तरह चकनाचूर हुई गाड़ी में श्रद्धा का नारियल पूरी तरह सही-सलामत रखा दिखा।
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दो गंभीर घायलों ने रास्ते में तोड़ा दम
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हादसे के बाद
- फोटो : amar ujala
सड़क पर अलसुबह जब आसपास के राहगीर गुजरे तो उन्होंने देखा कि महिलाओं के शव सड़क पर पड़े हुए हैं। ऐसे ही लोगों के जरिये हादसे की सूचना पुलिस तक पहुंची और फिर पुलिस ने अन्य घायलों को नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया। हालांकि, इसी दौरान दो गंभीर घायल महिलाओं ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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खाटुश्यामजी के दर्शन कर लौट रहे थे सभी
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सांवलियाजी के दर्शन को आ रही थी महिलाएं
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इस भीषण हादसे की शिकार हुई महिलाएं रींगस के खाटुश्याजी के दर्शन कर उदयपुर स्थित सांवलिया सेठ के दर्शन करने आ रही थी। इसी दौरान अचानक सांवलिया चौराहे के पास उनकी टैंपो ट्रैक्स साइड में खड़े ट्रोले के अंदर जा घुसी।
दो सप्ताह के भीतर दूसरी बार
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उदयपुर-अहमदाबाद हाइवे पर हादसे की तस्वीर
- फोटो : amar ujala
इससे पहले 22 जुलाई को ही उदयपुर-अहमदाबाद हाइवे पर भी श्रद्धालुओं से भरी एक बस ट्रोले में जा घुसी थी। जिसमें बस में सवार 9 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 24 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। बस में सवार सभी लोग गुजरात से हरिद्वार धार्मिक यात्रा पर जा रहे थे।
सड़क किनारे में बेतरतीब वाहन ले रहे जान, पुलिस मौन
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हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस एसपी
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ऐसी सड़क दुर्घटनाओं को लेकर लोगों ने फिर से पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। लोगों ने बताया कि यहां पर ट्रक-ट्रेलर हाईवे पर ही खड़े कर दिए जाते हैं और संबंधित पुलिसकर्मी इन्हें हाईवे से नहीं हटाते। ऐसे में हाईवे की चौड़ाई संकरी हो जाती है। साथ ही, सड़क के खतरनाक मोड़ पर भी आते वाहनों को साइड में खड़े ट्रक-ट्रेलर नजर नहीं आते और वाहन इनसे टकरा जाते हैं।