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Year Ender 2020: कभी भूल नहीं पाएंगे साल 2020 की ये 20 बड़ी घटनाएं

Sat, 02 Jan 2021 10:51 AM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Year Ender 2020:2020 की 20 बड़ी घटनाएं - फोटो : अमर उजाला

राम मंदिर के शिलान्यास ने धार्मिक हर्ष को चरम पर पहुंचाया तो कोरोना के खौफ के बीच कभी मरकज तो कभी तबलीगी जमात चर्चा में रही। इस बीच सैकड़ों किलोमीटर तक पैदल जाते प्रवासियों का दर्द ताउम्र सालता रहेगा। दरअसल, साल 2020 अब विदा ले चुका है। अब यह महज एक नंबर बनकर रह गया, लेकिन बीते 365 दिन के दौरान हुईं घटनाएं शायद ही कभी भूली जाएं। इस रिपोर्ट में हम ऐसी ही 20 घटनाओं से रूबरू होते हैं, जिन्होंने 2020 के दौरान हमें हंसाया तो रुलाया भी...

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दिल्ली दंगा, शाहीन बाग में प्रदर्शन

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दिल्ली दंगा - फोटो : AmarUjala

साल 2020 की शुरुआत सीएए और एनआरसी के विरोध के साथ हुई थी, लेकिन फरवरी आते-आते तपिश इतनी ज्यादा बढ़ गई कि दिल्ली इसकी चपेट में आकर झुलस गई। दरअसल, 23 फरवरी से 29 फरवरी तक दिल्ली के उत्तर पूर्वी हिस्से में दंगा होता रहा। इस दौरान 53 लोगों ने जान गंवाई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए। इस दौरान कड़ाके की ठंड के बीच शाहीन बाग में सैकड़ों महिलाएं सीएए और एनआरसी के विरोध में महीनों तक सड़क पर बैठी रहीं।

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कोरोनावायरस का कहर, तबलीगी जमात और मरकज

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तबलीगी जमात - फोटो : PTI

दिल्ली दंगों की आंच से देश उबरने के लिए देश होली के रंगों का सहारा ले ही रहा था कि पूरी दुनिया में खौफ का पर्याय बन चुके कोरोना वायरस ने भारत में भी अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया। वैसे तो देश में कोरोना के मामले जनवरी 2020 के दौरान ही सामने आए थे, लेकिन 17 मार्च को कर्नाटक में पहली मौत दर्ज की गई। इसके बाद कोरोना के खूनी पंजों में भारत भी फंस गया और अब तक देश में एक करोड़ से ज्यादा लोग इस खौफनाक वायरस की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, करीब डेढ़ लाख लोगों ने अपनी जान गंवा दी है।

यस बैंक में पैसा फंसा

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यस बैंक - फोटो : PTI

यस बैंक में जिन लोगों का खाता है, वो शायद ही इस घटना को भूल पाएं। दरअसल, 20वीं सदी में किसी बड़े प्राइवेट बैंक के अचानक धड़ाम होने और उसमें लोगों का करोड़ों रुपया फंसने का अपनेआप में अजब मामला था। मार्च 2020 के शुरुआती हफ्ते में आरबीआई ने यस बैंक पर पाबंदियां लगा दीं। इसके तहत ग्राहक अपने ही खाते से एक महीने में 50 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाल सकते थे। दरअसल, इस तरह की पाबंदियां पीएमसी बैंक पर भी लगी थीं, लेकिन उससे प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या यस बैंक के मुकाबले काफी कम थी। आरबीआई की पाबंदी का असर इस कदर हुआ था कि यस बैंक के शेयर के दाम पांच रुपये तक पहुंच गए थे।

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प्रवासियों का पलायन

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प्रवासी मजदूर (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

कोरोना के चंगुल से देश को बचाने के लिए 25 मार्च से 21 दिन का पूर्ण लॉकडाउन लगाया। उस दौरान ट्रेन, बस और हवाई जहाज के साथ-साथ आम जनजीवन भी थम गया। लेकिन इसी दौर में देश ने ऐसा दर्दनाक नजारा देखा, जो इससे पहले 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान ही नजर आया था। दरअसल, दिल्ली-मुंबई में रहने वाले हजारों लोग कोई भी साधन न होने पर पैदल ही अपने-अपने घर जाने लगे। उस दौरान सरकार ने न तो उन लोगों को समझाने की कोशिश की और न ही उनकी कोई मदद। 8 मई को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेलवे ट्रैक पर सो रहे 16 मजदूरों पर मालगाड़ी गुजरने के हादसे ने इस दर्द को और बढ़ा दिया। 

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निर्भया के दोषियों को फांसी

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निर्भया कांड के दोषी - फोटो : अमर उजाला

देश के इतिहास में 20 मार्च 2020 को इंसाफ की तारीख के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। दरअसल, इसी दिन निर्भया के चारों दोषियों पवन, मुकेश, अक्षय और विनय को तिहाड़ के जेल नंबर तीन में फांसी के तख्ते पर लटकाया गया और करीब सात साल पहले 16 दिसंबर 2012 की उस खौफनाक रात का हिसाब-किताब कर दिया गया।

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मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन

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शिवराज सिंह चौहान-ज्योतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

साल 2020 के दौरान राजनीति की दुनिया में भी कई उलटफेर हुए। इनमें मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार का गिरना और शिवराज सिंह का चौथी बार मुख्यमंत्री बनना भी शामिल है। दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के 22 समर्थकों ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई और कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से 20 मार्च को इस्तीफा दे दिया। 23 मार्च को शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

अम्फान तूफान से तबाही

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अम्फान तूफान - फोटो : PTI

कोरोना से जूझ रहे देश को बंगाल की खाड़ी में आए अम्फान तूफान ने झकझोर कर रख दिया। इस दौरान देश के पूर्वी हिस्से पश्चिम बंगाल को काफी नुकसान हुआ। तूफान की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो इसे कोरोना महामारी से भी खतरनाक बताया था। अम्फान तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल में 13.9 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। उस दौरान करीब 30 हजार घर ढह गए, जबकि 88 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसल तबाह हो गई।

टिड्डी दल का हमला

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टिड्डी दल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

देश के पूर्वी हिस्से में अम्फान तूफान का कहर बरपा तो उत्तरी इलाकों पर पाकिस्तान से आई टिड्डियों ने हमला कर दिया। टिड्डियों के इन दलों ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद कर दी।

गलवान में भारत-चीन झड़प

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भारत-चीन विवाद - फोटो : सोशल मीडिया

15-16 जून की रात लद्दाख बॉर्डर पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। इस घटना में चीन के करीब 40 सैनिकों के मारे जाने की बात सामने आई, लेकिन चीन ने इसकी पुष्टि नहीं की। दरअसल, इस विवाद की शुरुआत 5 और 6 मई की रात से हुई थी। धीरे-धीरे हालात बिगड़ते रहे और 15-16 जून की रात हिंसक झड़प हो गई। ऐसे में भारत ने चीन पर कड़े प्रतिबंध लगाए और करीब 100 चीनी ऐप्लिकेशन पर बैन लगा दिया। साथ ही, देश में चीन के सामान का विरोध भी शुरू हो गया, जिससे चीन को अब तक करोड़ों डॉलर का नुकसान हो चुका है। इसके बावजूद बॉर्डर पर हालात अभी तक सामान्य नहीं हो पाए हैं।

यूएनएससी में भारत

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यूएनएससी - फोटो : पीटीआई

कोरोना, अम्फान तूफान और चीन से विवाद के बीच भारत को एक अच्छी खबर भी मिली। दरअसल, जून 2020 के दौरान भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का 8वीं बार अस्थायी सदस्य चुना गया। इस दौरान 192 वोटों में से भारत के पक्ष में 184 वोट पड़े। 

सुशांत सिंह राजपूत की मौत से बॉलीवुड बेहाल

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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

साल 2020 बॉलीवुड के लिए बेहद खराब साबित हुआ। इस दौरान ऋषि कपूर और इरफान खान समेत बॉलीवुड के कई दिग्गज दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन सुशांत सिंह राजपूत की मौत पूरे देश में चर्चा का विषय बनी रही। दरअसल, सुशांत की मौत आत्महत्या और हत्या के इर्द-गिर्द घूमती रही, जिसमें सुशांत की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती का नाम सामने आया। इसके बाद बॉलीवुड में वंशवाद का मुद्दा जोर-शोर से उठा, जिसका खमियाजा फिल्मी सितारों के बच्चों को भुगतना पड़ा। साथ ही, बॉलीवुड में ड्रग्स की मौजूदगी की बात भी सामने आई।

राफेल की भारत में एंट्री

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राफेल विमान - फोटो : twitter.com/IAF_MCC

चीन से विवाद के बीच पाकिस्तान भी भारत को आंखें दिखाने लगा। ऐसे में 27 जुलाई को फ्रांस से पांच लड़ाकू विमान राफेल भारत पहुंचे, जिससे भारतीय वायु सेना की ताकत काफी बढ़ गई। इन लड़ाकू विमानों को 10 सितंबर को आधिकारिक तौर पर भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया। इसके बाद चार नवंबर को तीन और राफेल भारत आए, जिसके बाद इनकी कुल संख्या आठ हो गई है। बता दें कि भारत ने फ्रांस से 36 राफेल विमानों का सौदा किया है।

कानपुर के बिकरू कांड ने दहलाया

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विकास दुबे - फोटो : अमर उजाला

3 जुलाई के दिन कानपुर का बिकरू गांव अचानक सुर्खियों में आ गया। दरअसल, यहां कुख्यात बदमाश विकास दुबे ने अपने साथियों संग पुलिस टीम पर घात लगाकर हमला कर दिया, जिसमें सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। ये पुलिसकर्मी विकास दुबे को पकड़ने गए थे, लेकिन उसे दबिश की जानकारी पहले ही मिल गई थी। इस मामले में विकास को मध्यप्रदेश के उज्जैन से पकड़ा गया था और कानपुर के पास भागने की कोशिश करते वक्त कथित एनकाउंटर में उसे मार गिराया गया। इस दौरान महज आठ दिन में यूपी पुलिस ने विकास दुबे के पूरे गैंग का सफाया कर दिया।

राम मंदिर का शिलान्यास

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अयोध्या में पूजा करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 के दौरान अयोध्या के राम मंदिर बाबरी मस्जिद विवाद का पटाक्षेप कर दिया, लेकिन राम मंदिर की नींव साल 2020 के अगस्त महीने में पांच तारीख को रखी गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचे और राम मंदिर का शिलान्यास किया।

कोरोना काल में बिहार विधानसभा चुनाव

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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 - फोटो : AMAR UJALA

वैसे तो चुनाव आम बात हैं, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव इसलिए खास रहे, क्योंकि कोरोना काल से जूझ रहे देश में यह पहली लोकतांत्रिक प्रक्रिया थी, जिसे चुनाव आयोग ने कामयाबी से निपटाया। बिहार में इस बार राजद सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन भाजपा की मदद से जदयू लगातार चौथी बार सरकार बनाने में कामयाब रही।

आईपीएल: पांचवीं बार चैंपियन बनी मुंबई इंडियन

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आईपीएल 2020 - फोटो : ट्विटर

कोरोना से जूझ रही दुनिया के बीच बीसीसीआई ने अपनी प्रतिष्ठित लीग आईपीएल का 13वां सीजन कराने का फैसला किया। इसे दुबई में आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत 19 सितंबर से हुई और 10 नवंबर को फाइनल मुकाबला खेला गया। आईपीएल के 13वें सीजन में मुंबई इंडियन चैंपियन बनी। रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम ने पांचवां आईपीएल खिताब अपने नाम किया। इस दौरान आईपीएल की व्यूअरशिप ने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। कोरोना की वजह से कैद हिंदुस्तानियों ने टीवी पर ही आईपीएल देखा, जिससे व्यूअरशिप 23 प्रतिशत बढ़ गई।

कोरोना काल: अर्थव्यवस्था बदहाल

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जीडीपी में गिरावट - फोटो : SELF

खौफनाक कोरोना वायरस का असर पूरी दुनिया पर पड़ा। इस दौरान कई देशों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा, जिनमें भारत भी शामिल है। कोरोना से प्रभावित भारत की जीडीपी में अप्रैल से जून की तिमाही में 23.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह स्थिति 1996 के जीडीपी आंकड़ों से भी खराब है। 

दिल्ली में किसानों का आंदोलन

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किसान आंदोलन - फोटो : अमर उजाला

साल 2020 की शुरुआत में सीएए-एनआरसी को लेकर विरोध झेलने वाली दिल्ली अब साल जाते-जाते किसानों के गुस्से का शिकार बन रही है। दरअसल, खेती-किसानी में सुधार के मकसद से मोदी सरकार ने तीन नए कृषि कानून तैयार किए, लेकिन किसान लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। ऐसे में पंजाब समेत कई राज्यों के किसान इस वक्त दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं और कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं। 

शेयर बाजार ने बनाया कीर्तिमान

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शेयर बाजार - फोटो : अमर उजाला

कोरोना संकट के दौर में अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई, लेकिन भारतीय शेयर बाजार ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं। इस दौरान सेंसेक्स अपने सर्वोच्च स्तर 46 हजार 890 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी ने भी 13 हजार 740 अंकों का मुकाम हासिल किया। बता दें कि कोरोना काल में सोने और चांदी की कीमतों में भी काफी तेजी दर्ज की गई। इस साल सोने ने 56 हजार 191 रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा छुआ, जबकि चांदी का सर्वाधिक दाम 77 हजार 949 रुपये प्रति किलो तक पहुंचा।

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बृहस्पति-शनि का मिलन

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बृहस्पति और शनि - फोटो : सोशल मीडिया

साल 2020 जाते-जाते अद्भुत खगोलीय घटना का गवाह भी बना। दरअसल, 21 दिसंबर को बृहस्पति और शनि ग्रहों के बीच की कोणीय दूरी महज 0.06 डिग्री रह गई, जिससे ये दोनों ग्रह आपस में मिलते नजर आए। बता दें कि यह नजारा 400 साल में एक बार दिखाई देता है। इससे पहले 1623 में यह खगोलीय घटना देखी गई थी। बृहस्पति और शनि के बीच अगला दुर्लभ मिलन साल 2080 में नजर आएगा।

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