राम मंदिर
- फोटो : X/@ShriRamTeerth
बालकृष्ण के फूलों से महक रहा रामलला का दरबार
मेरी आंखें उन पलों की साक्षी हैं जब ताला टूटा, रामलला बाहर आए, उनको सर्दी, गर्मी और बरसात में टेंट में विराजे देखा। अब भव्य मंदिर बन रहा है। सपना सच होने जैसा है। मन आह्लादित है। यह कहना है श्रीतुलसी चौरा यानी रामचरित मानस जन्मभूमि के सामने छोटी सी दुकान में फूलमाला तैयार करने वाले बालकृष्ण सैनी का। उनका परिवार 23 वर्षों से रामलला के दरबार को सजाने के लिए अनवरत फूलमालाएं पहुंचा रहा है। बालकृष्ण की आखें भर आती हैं, जब कहते हैं...भरोसा था, मेरे आराध्य भव्य मंदिर में विराजेंगे।
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