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PICS: 5 राज्यों के 10 बड़े उलटफेर, हारने वालों में 3 CM

Tue, 14 Mar 2017 05:34 PM IST
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
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यूपी, उत्तराखंड समेत 5 राज्यों के नतीजों में जहां प्रचंड मोदी लहर चली, वहीं 10 बड़े उल्टफेर भी देखने को मिले। हारने वालों में तीन तो मुख्यमंत्री रहे। देख‌िए एक नजर इनपर।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह

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पंजाब में कांग्रेस के सीएम पद के उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की दो विधानसभा सीटों पटियाला की शहरी सीट और बठिंडा की लांबी सीट से चुनाव लड़ रहे थे। इन सीटों पर अमरिंदर सिंह के सामने पार्टी के भरोसे समेत खुद की राजनीतिक साख को कायम रखने का प्रेशर था। लांबी में वे प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चुनाव मैदान में थे। बादल इस सीट पर 1997 के बाद से कभी नहीं हारे थे, इस बार भी उन्होंने अमरिंदर सिंह को 51000 वोटों से हराया।
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सीएम हरीश रावत

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सीएम हरीश खुद शाह मात के खेल में फंसे हैं। खुद को खांटी पहाड़ी कहने वाले हरीश रावत मैदानी क्षेत्र की दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे थे। हरीश रावत के राजनीतिक कौशल से कांग्रेस मुकाबले में तो थे लेकिन सत्ता वापसी की चुनौती के अलावा अपने गढ़ कुमाऊं में खुद को साबित करने की परीक्षा में भी वो फेल हो गए हैं।

लक्ष्मीकांत पार्सेकर

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मनद्रेम विधानसभा सीट से मौजूदा मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पार्सेकर उम्मीदवार थे। लेकिन स्थानीय लोगों में उनके खिलाफ आक्रोश है। यहां के कई वोटर मानते हैं कि पार्सेकर ने सीएम रहने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई काम नहीं किया। शायद यही वजह रही कि लक्ष्मीकांत पार्सेकर हार गए।
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लक्ष्मीकांत बाजपेयी

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वेस्ट यूपी के प्रमुख शहर मेरठ सीट पर भाजपा के दिग्गज और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी लगातार आठवीं बार चुनावी मैदान में थे। यहां से चार बार विधायक रह चुके वाजपेयी इस बार कड़े मुकाबले में थे। सपा के रफीक अंसारी और बसपा के पंकज जौली उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे थे। पिछले चुनावों में भी मुख्य मुकाबला रफीक अंसारी और वाजपेयी के बीच हुआ था, जिसमें वाजपेयी को जीत मिली थी लेकिन इस बार वो चुनाव हार गए हैं। 
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आदमी पार्टी के सीएम कैंडिडेट एल्विस गोम्स

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गोवा के इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पूर्व नौकरशाह एल्विस गोम्स पर दांव खेला। 53 साल के गोम्स ने आप में शामिल होने के बाद नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। सेवा के दौरान वो आईजी जेल और शहरी विकास सचिव रहे। इस बार वो दक्षिणी गोवा की कुनकोलिम सीट से चुनावी मैदान में थे लेकिन उन्हें हार ही नसीब हुई।
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उत्कर्ष मौर्या

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बसपा सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे और अब भाजपा का दामन थाम चुके स्वामी प्रसाद मौर्या भी अपने बेटे को पार्टी से टिकट दिलाने में सफल रहे। उनके बेटे उत्कर्ष मौर्या को पार्टी ने ऊंचाहार सीट से उम्‍मीदवार बनाया। वह हार गए।

भगवंत मान

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आम आदमी पार्टी के पंजाब में बड़े चेहरे भगवंत मान जलालाबाद सीट से चुनाव लड़ रहे थे इस सीट पर उनके खिलाफ सुखबीर सिंह बादल थे, लेकिन सुखबीर सिंह जीते तो वहीं भगवंत मान हार गए हैं।

बिक्रम मजीठिया

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विधानसभा हलका मजीठा को हमेशा पंजाब की राजनीति की धुरी समझा जाता रहा है। यह हलका प्रकाश सिंह बादल मजीठा के नाम के साथ जाना जाता था। अब यह हलका सुखबीर सिंह बादल के साले बिक्रम सिंह मजीठिया के कारण माझे का हब बन चुका है। वो भी जीत गए।

पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्ठल

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ये दोनों सीटें जीतने के लिए अकाली दल ने पूरी ताकत लगा दी थी। वहीं पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्ठल भी इस बार लहरागागा में घिरी नजर आईं। उनका मुकाबला वित्तमंत्री परमिंदर ढींढसा से था लेकिन वो भी हार गईं।
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अपर्णा यादव

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अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव की बहू हैं और पार्टी की प्रतिष्ठित सीट लखनऊ कैंट से चुनाव मैदान में थीं। अपर्णा यादव बीजेपी की दिग्गज नेता रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ चुनाव लड़ रही थीं लेकिन वो हार गईं।
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