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Shraddha Murder Case: क्यों बार-बार बयान बदल रहा है आफताब, पुलिस का समय बर्बाद कर क्या करना चाहता है हत्यारा?

Fri, 18 Nov 2022 04:09 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सवाल है कि आखिर बार-बार आफताब अपने बयान को क्यों बदल रहा है? क्या वह पुलिस के साथ कोई गेम खेल रहा है? इसके क्या मायने हैं? अब तक सबूतों के आधार पर आफताब को क्या सजा हो सकती है? आइए समझते हैं...
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श्रद्धा मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के महरौली इलाके में हुए श्रद्धा हत्याकांड का आरोपी आफताब अमीन पूनावाला बार-बार बयान बदल रहा है। हर रोज वह पुलिस के सामने नई कहानी बताता है। पहले उसने पुलिस को बताया था कि श्रद्धा को मारने के बाद उसके शव के 35 टुकड़े किए थे। अब उसने बताया है कि शव के सिर्फ 16 टुकड़े किए थे। आफताब का कहना है कि उसने 22 दिन नहीं, बल्कि पांच महीने से ज्यादा समय तक श्रद्धा के शव के टुकड़ों को फ्रिज में रखा था।

ऐसे में सवाल है कि आखिर बार-बार आफताब अपने बयान को क्यों बदल रहा है? क्या वह पुलिस के साथ कोई गेम खेल रहा है? इसके क्या मायने हैं? अब तक सबूतों के आधार पर आफताब को क्या सजा हो सकती है? आइए समझते हैं...
 
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श्रद्धा मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
अब आफताब ने क्या खुलासे किए हैं?
आरोपी आफताब पूनावाला ने गुरुवार को कई नए खुलासे किए। उसने हत्या वाले दिन की पूरी कहानी फिर से बताई। पुराने बयान से पलटते हुए पुलिस को बताया कि उसने श्रद्धा के शरीर के 35 नहीं, बल्कि 16 टुकड़े किए थे। सिर समेत शरीर के कई टुकड़ों को फ्रिज में पांच महीने से ज्यादा समय तक रखा था। 

 
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श्रद्धा मर्डर केस का आरोपी आफताब। - फोटो : अमर उजाला
आफताब ने बताया कि उसने श्रद्धा की हत्या रात आठ बजे ही कर दी थी। इसके बाद दो दिन तक उसका शव फ्लैट में ही पड़ा रहा। एक दिन तो कमरे में ही उसकी लाश थी। शव के सामने ही रात में बैठकर उसने खाना खाया और फिर बीयर पीने के बाद नेटफ्लिक्स पर पूरी रात फिल्म देखता रहा। 

 

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श्रद्धा मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
अगले दिन उसने श्रद्धा के शव को बाथरूम में रख दिया। शव एक दिन बाथरूम में पड़ा रहा। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि इसके बाद उसने श्रद्धा के शरीर के कुछ टुकड़े पॉलिथीन में पैक कर जंगल में फेंक दिए। श्रद्धा का सिर, धड़, पैरों के पंजे और हाथों की उंगुलियों को फ्रिज में पॉलिथीन में पैककर रख दिया। आरोपी का कहना है कि उसे इन शव के टुकड़ों को फेंकने का मौका नहीं मिला था। सीसीटीवी फुटेज में भी इसकी पुष्टि हुई है कि आफताब अक्तूबर की शुरुआत में जंगल में गया था। 

 
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श्रद्धा मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
आफताब ने बताया कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसकी गुरुग्राम स्थित कॉल सेंटर में नौकरी लग गई थी। वह कॉल सेंटर में रात में नौकरी करता था। दिन में उसकी नई महिला दोस्त आ जाती थी। इस कारण वह शव के टुकड़ों को फेंक नहीं पाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने शव के इन टुकड़ों को अक्तूबर महीने की शुरुआत में जंगल में फेंका था। आरोपी के अक्तूबर महीने में जंगल जाते हुए सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं।
 
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Shraddha walker murder case - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
क्या पुलिस को गुमराह कर रहा है आफताब? 
इसे समझने के लिए हमने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चंद्र प्रकाश पांडेय से बात की। उन्होंने कहा, 'आफताब एक ट्रेंड मुजरिम की तरह व्यवहार कर रहा है। वह दिल्ली पुलिस के सामने अंग्रेजी में बयान देता है। कई बार अपने पुराने बयान भी बदल चुका है। वह पुलिस को जंगल में सिर्फ एक जगह ही ले जाता है। यही कारण है कि पुलिस को अब तक इस मामले में कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग पाया है। वह पुलिस को जानबूझकर गुमराह कर रहा है।'

 
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Shraddha walker murder case - फोटो : अमर उजाला
पांडेय आगे कहते हैं, 'आफताब ये जानता है कि पुलिस के सामने दिए गए बयान का कोई मतलब नहीं होगा जब तक पुलिस को कोई ठोस सबूत और गवाह न मिले। वह यह भी समझ रहा है कि लंबे समय तक दिल्ली पुलिस उसे अपनी कस्टडी में नहीं रख पाएगी। इसलिए वह पुलिस का समय खराब करने में जुटा है। उसने पुलिस की जांच-पड़ताल की कार्रवाई को बखूबी समझा है। अगर जांच हो तो ये भी मालूम चल जाएगा कि उसने इन पांच महीने में क्या-क्या किया और क्या किसी ने उसे कानूनी दांव-पेंच की जानकारी भी दी है क्या?'

 

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Shraddha walker murder case - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया, 'आफताब के कबूलनामे की अहमतियत तब तक नहीं होगी, जब तक पुलिस को उसकी निशानदेही पर कोई ठोस सबूत न मिले। अभी तक शव के टुकड़े भी बरामद नहीं हो पाए हैं। जो बरामद हुए हैं, उसकी भी पुष्टि होनी बाकी है। इसलिए पुलिस को अब ज्यादा सतर्क होकर नए सिरे से आफताब की एक-एक कड़ी जोड़नी होगी।'

पांडेय के अनुसार, 'पुलिस की हल्की सी चूक आफताब को रिहाई दिला सकती है। आफताब की सजा पूरी तरह से पुलिस की जांच पर निर्भर करती है। पुलिस को आफताब का जुर्म साबित करने के लिए मजबूत सबूतों के साथ-साथ गवाहों की जरूरत पड़ेगी।'
 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
किन-किन सबूतों को जुटाने की कोशिश में जुटी है पुलिस? 
अभी तक पुलिस को वह हथियार नहीं मिला है, जिससे श्रद्धा के शव के टुकड़े किए गए थे। इसके अलावा श्रद्धा का मोबाइल फोन, उसके और आफताब के खून से सने कपड़े की बरामदगी भी नहीं हो पाई है। आफताब ने पुलिस को बताया है कि उसने श्रद्धा का मोबाइल मुंबई में कहीं फेंक दिया है। इसके अलावा जिस कटर से श्रद्धा के शव के टुकड़े किए थे उसे दिल्ली के कूड़ेदान में फेंक दिया। 

खून से सने कपड़ों को दिल्ली नगर निगम की कूड़े वाली गाड़ी में फेंक दिया था। ये भी सामने आया है कि श्रद्धा के अकाउंट से 55 हजार रुपये निकाले गए थे। पुलिस को कोर्ट से आफताब के नार्को टेस्ट के इजाजत मिल चुकी है। बताया जाता है कि इससे कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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