रात्रिभोज के दौरान संगीत कार्यक्रम
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विभिन्न दुर्लभ वाद्ययंत्रों का हुआ उपयोग
संगीत व्यवस्था में विभिन्न दुर्लभ वाद्ययंत्रों का उपयोग करते हुए हमारी अद्वितीय और अनूठी संगीत विरासत का प्रदर्शन किया गया। इन वाद्ययंत्रों में सुरसिंगार, मोहन वीणा, जलतरंग, जोडिया पावा, धनगली, दिलरूबा, सारंगी, कमैचा, मट्टा कोकिला वीणा, नलतरंग, तुंगबुक, पखावज, रबाब, रावणहत्था, थल दाना, रुद्र वीणा आदि शामिल हैं।