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सियासत: कांग्रेस छोड़ने वाले पहले नेता नहीं जितिन प्रसाद, इन दिग्गजों ने भी थामा 'कमल' का दामन

Wed, 09 Jun 2021 01:37 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गौर करने वाली बात यह है कि कांग्रेस से भाजपा में आने वाले जितिन प्रसाद पहले ऐसे नेता नहीं हैं। उनसे पहले भी कई दिग्गज हाथ का साथ छोड़कर कमल का दामन थाम चुके हैं।
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Jitin Prasad - फोटो : PTI (File Photo)
कांग्रेस के दिग्गज नेता और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले जितिन प्रसाद आज (9 जून) भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसे उत्तर प्रदेश के मिशन 2022 की तैयारियों में लगी कांग्रेस को करारा झटका माना जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि कांग्रेस से भाजपा में आने वाले जितिन प्रसाद पहले ऐसे नेता नहीं हैं। उनसे पहले भी कई दिग्गज हाथ का साथ छोड़कर कमल का दामन थाम चुके हैं। इस रिपोर्ट में हम आपको उन्हीं दिग्गजों से रूबरू कराते हैं। 
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रीता बहुगुणा जोशी - फोटो : PTI
रीता बहुगुणा जोशी
इलाहाबाद से लोकसभा सदस्य रीता बहुगुणा जोशी साल 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हुई थीं। भाजपा ने लखनऊ में उसी विधानसभा सीट से उन्हें टिकट दिया, जहां से वह कांग्रेस की विधायक थीं। रीता ने दोबारा चुनाव जीता और कैबिनेट मंत्री बनीं। इसके बाद पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव में उतारा। वह बताती हैं कि मैंने कांग्रेस के लिए 24 साल तक मेहनत की, लेकिन अब जनता का विश्वास कांग्रेस और उसके नेताओं में नहीं रहा। देश को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास है, इसलिए हमने भी उनके साथ चलना बेहतर समझा।

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संजय सिंह और उनकी पत्नी भाजपा में शामिल - फोटो : एएनआई
संजय सिंह और अमिता सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेहद करीबी रहे अमेठी के पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री संजय सिंह भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। राजनीतिक गलियारों में माना जाता है कि वह अपनी राज्यसभा सीट बचाने के लिए भाजपा में गए थे। संजय सिंह के साथ उनकी पत्नी अमिता सिंह भी भाजपा में शामिल हुई थीं।

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राजकुमारी रत्ना सिंह भाजपा में शामिल - फोटो : ANI
राजकुमारी रत्ना सिंह
2019 लोकसभा चुनाव के बाद पूर्व विदेश मंत्री दिनेश सिंह की बेटी राजकुमारी रत्ना सिंह ने भी भाजपा का दामन थाम लिया था। वह प्रतापगढ़ सीट से तीन बार कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। हालांकि, अपने इस फैसले के पीछे की वजह उन्होंने नहीं बताई थी। 
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जगदंबिका पाल - फोटो : अमर उजाला
जगदंबिका पाल
उत्तर प्रदेश के एक दिन के मुख्यमंत्री रहे जगदंबिका पाल साल 2014 में भाजपा में शामिल हो गए थे। दरअसल, वह कांग्रेस में अपनी अनदेखी से नाराज थे। बताया जाता है कि कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शुमार जगदंबिका पाल यूपीए-2 सरकार में वरिष्ठता के आधार पर मंत्री पद के दावेदार थे, जो उन्हें नहीं मिला। कांग्रेस में उपेक्षा के चलते उन्होंने भाजपा में जाने का फैसला किया था।
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भुवनेश्वर कलीता (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
भुवनेश्वर कलीता
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद भुवनेश्वर कलीता साल 2019 में भाजपा का हिस्सा बन गए थे। दरअसल, कलीता अनुच्छेद 370 को लेकर कांग्रेस के रुख से सहमत नहीं थे। ऐसे में उन्होंने उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस आत्महत्या कर रही है।
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डॉ अम्मार रिजवी - फोटो : अमर उजाला
अम्मार रिजवी
कांग्रेस के पूर्व कद्दावर नेता और उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री रह चुके डॉ. अम्मार रिजवी ने भी 2019 में भाजपा का दामन थाम लिया था। रिजवी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा नाम माने जाते हैं। वह कांग्रेस शासन में पांच बार मंत्री भी रहे। रिजवी का कहना था कि वह प्रधानमंत्री मोदी के काम करने की शैली के मुरीद हैं। इस वजह से वह भाजपा में शामिल हुए। 
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