प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी
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पीएम बोले, कुछ लोगों के कारण देश में विकास नहीं रुकने वाला, गांव और गरीबों को आत्मनिर्भर बनाना रहेगा जारी
पंचायती राज मंत्रालय ही इस योजना को लागू कराने वाला नोडल मंत्रालय है। गांव के हर घर की संपत्ति कार्ड बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी। राज्यों में यह काम राजस्व या भू विभाग करेगा। इससे ग्रामीण इलाकों मे मौजूद घरों के मालिकों के मालिकाना हक का एक रिकॉर्ड बनेगा। प्रदेशों के राजस्व विभाग ऑनलाइन संपत्ति कार्ड डाउनलोड करने की सुविधा देंगे। अभी तक यह योजना शुरूआती दौर में ही है, जल्द ही संपत्ति कार्ड ऑनलाइन निकालने की सुविधा आरंभ होगी।
योजना की शुरुआत से करीब एक लाख संपत्ति मालिक अपनी संपत्ति से जुड़े कार्ड अपने मोबाइल फोन पर एसएमएस लिंक के जरिये डाउनलोड कर सकेंगे। अभी जमीन विवाद में खुद ही मालिकाना हक साबित करना पड़ता है। सिर्फ कागजात के आधार पर रजिस्ट्री होती है। खरीद-बिक्री के समय दोनों पक्षों में क्या शर्तें तय हुईं, सरकार अभी इसकी गारंटी नहीं लेती।