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अचानक पाकिस्तान पहुंचे तो कभी सर्जिकल स्ट्राइक, पीएम मोदी के इन फैसलों ने चौंकाया

Sat, 04 Jul 2020 03:08 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
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pm modi - फोटो : social media
अपने फैसलों से चौंकाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फितरत में शामिल है। शुक्रवार को अचानक लेह की यात्रा प्रधानमंत्री के चौंकाने वाले फैसलों की एक और कड़ी है। साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने राजनीतिक, सामरिक और कूटनीतिक फैसलों से देश और दुनिया को चौंकाया है।
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साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शपथ ग्रहण समारोह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
पड़ोसी देशों को न्योता: साल 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो सभी को पड़ोसी पाकिस्तान के साथ शीतयुद्ध की आशंका थी। हालांकि, शपथ ग्रहण समारोह में सभी सार्क देशों के शासनाध्यक्षों को न्योता देकर पीएम ने चौंका दिया। तब किसी को उम्मीद नहीं थी कि पीएम अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान को भी न्योता देंगे।
 
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पीएम मोदी और नवाज शरीफ (फाइल फोटो)
अचानक पहुंचे पाकिस्तान: हालांकि, सीमापार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान की पूर्व की नीति बहाल रहने के कारण दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्ते परवान नहीं चढ़े। इसी बीच इसी साल 2015 के 15 दिसंबर को अफगानिस्तान से स्वदेश वापसी के क्रम में पीएम मोदी ने अचानक पाकिस्तान में नवाज शरीफ से मुलाकात कर सबको चौंका दिया।

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प्रधानमंत्री मोदी ने शहीदों को नमन किया। - फोटो : PTI
सर्जिकल स्ट्राइक: उड़ी में आतंकवादियों के हमले में सेना के कई जवानों के शहीद होने के बाद देश में राजनीति चरम पर थी। इसी बीच अचानक सेना ने 28-29 सितंबर की रात पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। उस समय तक किसी को अंदाजा नहीं था कि पीएम पाकिस्तान के खिलाफ इस स्तर का फैसला ले सकते हैं।
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बालाकोट एयर स्ट्राइक - फोटो : सोशल मीडिया
एयर स्ट्राइक: 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ के खिलाफ आतंकी हमले पर पूरा देश गुस्से में था। लोकसभा चुनाव करीब होने के कारण सरकार पर विपक्ष का सियासी हमला बढ़ गया था। इसके बाद जो हुआ उससे पूरा देश हतप्रभ रह गया। वायुसेना के जवानों ने पुलवामा हमले का जवाब 26 फरवरी 2019 को बालाकोट पर एयर स्ट्राइक से दिया। वायुसेना ने लड़ाकू विमान मिराज 2000 की सहायता से बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया।

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लोकसभा में सवर्ण आरक्षण बिल पर बहस (फाइल फोटो)
सामान्य आरक्षण: जनवरी 2019 में मोदी सरकार ने जो किया उसकी उम्मीद किसी को नहीं रही होगी। एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए बदलाव पर सरकार की ओर से लगाई गई रोक से सवर्ण वर्ग नाराज था। इसी दौरान मोदी सरकार ने आनन फानन में सामान्य वर्ग को दस फीसदी का आरक्षण संसद से पारित करा कर सभी को हतप्रभ कर दिया।
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Article 370 - फोटो : Amar Ujala
अनुच्छेद 370: जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त सेना और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि, किसी को अंदाजा नहीं था कि वहां क्या होने वाला है। इसी बीच अचानक 16 अगस्त 2019 को मोदी सरकार संसद में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का प्रस्ताव ले आई। इसे आसानी से पारित भी करा लिया।

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सेना के साथ नरेंद्र मोदी - फोटो : social media
बीते चार साल से सेना के साथ दिवाली: बीते चार साल से मोदी अचानक बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के सेना के साथ अपनी दीवाली मनाते आ रहे हैं। यह सिलसिला साल 2016 से शुरू हुआ और अब तक जारी है। पीएम ने वर्ष 2016 में लाहौल स्पीति में, साल 2017 में जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में, साल 2018 में उत्तराखंड के हरसिल में तो बीते साल जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना के साथ अपनी दिवाली मनाई। हर बार इस कार्यक्रम की किसी को भनक नहीं लगी।

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