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BRS: सीतारमण का दावा- केसीआर ने तांत्रिकों की सलाह पर बदला पार्टी का नाम, तेलंगाना के लोगों के साथ किया धोखा

Sat, 08 Oct 2022 09:19 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

सीतारमण ने कहा, मुख्यमंत्री केसीआर ने तांत्रिकों और ज्योतिषियों की सलाह पर सचिवालय जाना बंद कर दिया और कई वर्षों तक महिलाओं को अपने मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया।
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निर्मला सीतारमण - फोटो : पीटीआई (फाइल)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखऱ राव (केसीआर) ने तांत्रिकों की सलाह पर जानबूझकर अपनी पार्टी टीआरएस का नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) किया। 
 
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'तांत्रिकों के कहने पर केसीआर ने सचिवालय जाना बंद किया'

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तेलंगाना के सीएम केसीआर - फोटो : PTI
सीतारमण ने कहा, मुख्यमंत्री केसीआर ने तांत्रिकों और ज्योतिषियों की सलाह पर सचिवालय जाना बंद कर दिया और कई वर्षों तक महिलाओं को अपने मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया। अब तांत्रिक की सलाह पर पार्टी का नाम बदलकर बीआरएस कर दिया है। तेलंगाना और तेलुगु भाषी लोगों को धोखा देने के बाद बीआरएस को एक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में लॉन्च किया गया है। नई पार्टी का असफल होना तय है।  
 
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'तांत्रिकों के कहने पर महिलाओं को नहीं मिला था कैबिनेट में प्रतिनिधित्व'

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केसीआर
उन्होंने आगे कहा कि टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) का गठन तेलंगाना की भावना को पूरा करने के लिए गया था, लेकिन केसीआर इसे पूरा करने में असफल रहे हैं। उस समय कहा गया था कि उनकी प्रधामिकताएं पैसा, पानी और नौकरियां हैं। सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण होगा। लेकिन 2014 से 1018 तक टीआरएस सरकार में एक भी महिला मंत्री नहीं थीं। एक बार फिर चुने जाने के बाद भी टीआरएस में लगभग एक साल तक कोई महिला मंत्री नहीं थी। जाहिर है, कुछ तांत्रिकों की सलाह पर महिलाओं को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया था। 

 
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कालेश्वरम सिंचाई परियोजना को लेकर कही ये बात

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kaleshwaram godavari lift irrigation project
सीतारमण ने आगे कहा कि तेलंगाना का जब 2014 में गठन किया गया था तब यह राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) वाला राज्य था। आज तेलंगाना पर तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। केंद्रीय मंत्री ने विवादास्पद कालेश्वरम सिंचाई परियोजनाका भी जिक्र किया और कहा कि इस परियोजना को 40 हजार करोड़ रुपये के बजट के साथ पूरा किया जाना था, लेकिन बिना उचित कारणों के यह 1,40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 

केंद्रीय वित्त मंत्री ने चेन्नई के मायलापुर बाजार का दौरा किया, जहां उन्होंने विक्रेताओं और स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत की और सब्जियां खरीदीं।
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