आज समाजवादी पार्टी टूट चुकी है, बंट चुकी है। मुलायम अलग हैं, शिवपाल अलग। मुलायम, अखिलेश से कुछ रूठे-रूठे रहते हैं। जानिए, कैसे शुरू हुआ यूपी की सियासत में अहम जगह रखने वाली पार्टी का सफर।
80 के दशक में उत्तर प्रदेश में पिछड़ों की राजनीति की जमीन तैयार होने लगी थी। इसी को देखते हुए राममनोहर लोहिया के करीब रहे मुलायम सिंह यादव ने 'समाजवादी जनता पार्टी' से अलग होकर 'समाजवादी पार्टी' का गठन किया। यह 4 अक्टूबर 1992 की बात है। उस वक्त समाजवादी जनता पार्टी के अध्यक्ष पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर हुआ करते थे। मुलायम आज भी चंद्रशेखर को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं।