भाजपा, कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी छवि को लेकर बेहद सतर्क हैं। पार्टियों के रणनीतिकारों ने साफ लकीर खींच दी है कि किसी भी ऐसे प्रत्याशी को टिकट नहीं मिले, जिसकी छवि आम जनता के बीच खराब है। इस सख्ती ने चुनाव लड़ने को आतुर पूर्वांचल के करीब आधा दर्जन बाहुबलियों के सपने तोड़ दिए हैं। आइए जानते हैं किन-किन बाहुबलियों के अरमानों पर पानी फिर गया।