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ऐतिहासिक पल: INS विक्रांत पर लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की लैंडिंग, नौसेना के पायलटों ने रचा कीर्तिमान

Mon, 06 Feb 2023 05:57 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नौसेना के पायलटों ने आईएनएस- विक्रांत पर हल्के लड़ाकू विमान की सफल लैंडिंग की। स्वदेशी लड़ाकू विमान के साथ स्वदेशी विमान वाहक पोत डिजाइन, निर्माण और संचालित करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित करता है।
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लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, आईएनएस विक्रांत - फोटो : सोशल मीडिया
भारत का स्वदेश निर्मित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए-नेवी) सोमवार को विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर उतरा। नौसेना ने इसे ऐतिहासिक रूप से मील का पत्थर बताया है। नौसेना ने कहा कि उसके पायलटों ने इसकी लैंडिंग की।
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INS Vikrant - फोटो : Social Media
'आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर किया हासिल'
नौसेना की ओर से एक आधिकारिक बयान में कहा गया, भारतीय नौसेना ने 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया, नौसेना के पायलटों ने आईएनएस विक्रांत पर एलसीए की लैंडिंग की।  इसमें कहा गया है कि स्वदेशी लड़ाकू विमान के साथ स्वदेशी विमान वाहक पोत डिजाइन, निर्माण और संचालित करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित करता है।
 
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आईएनएस विक्रांत। - फोटो : अमर उजाला।
'विमान वाहक बनाने वाले राष्ट्रों के समूह में शामिल हुआ भारत'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर में भारत के पहले स्वदेशी निर्मित विमान वाहक आईएनएस विक्रांत (आईएसी आई) को कमीशन किया, जिसने देश को 40,000 टन से अधिक श्रेणी के विमान वाहक बनाने में सक्षम राष्ट्रों के एक विशिष्ट समूह का हिस्सा बना दिया।

 

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ins vikrant - फोटो : सोशल मीडिया
'हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता में निभाएगा अहम भूमिका'
इससे पहले नौसेना ने कहा था कि विमानवाहक पोत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में भूमिका निभाने में सक्षम होगा।
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INS VIKRANT - फोटो : PTI
'आईएनएस विक्रांत से दोगुनी हो जाएगी नौसेना की ताकत'
पीएम मोदी ने बीते साल सितंबर में कोच्चि में देश के पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत को देश को समर्पित किया था। कोचीन शिपयार्ड पर तैयार किए गए इस विमान वाहक पोत के निर्माण में 20,000 करोड़ रुपये की लागत आई। इस पोत के आधिकारिक तौर पर शामिल होने से नौसेना की ताकत दोगुनी हो जाएगी।
 
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indian navy
'नौसेना के लिए बजट बढ़ाने की दिशा में किया काम'
इस मौके पर पीएम ने कहा था कि पिछले समय में भारत-प्रशांत क्षेत्र और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को लंबे समय तक नजरंदाज किया जाता रहा। लेकिन, आज ये क्षेत्र हमारे लिए देश की बड़ी रक्षा प्राथमिकता है। इसलिए हम नौसेना के लिए बजट बढ़ाने से लेकर उसकी क्षमता बढ़ाने तक, हर दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा था, बूंद-बूंद जल से जैसे विराट समंदर बन जाता है। वैसे ही भारत का एक-एक नागरिक ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को जीना प्रारंभ कर देगा, तो देश को आत्मनिर्भर बनने में अधिक समय नहीं लगेगा। 
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आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में अहम कदम : नौसेना प्रमुख
नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा,  भारत के पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत पर स्वदेशी एलसीए नौसेना की सफल लैंडिंग और टेक-ऑफ 'आत्मनिर्भर भारत' के हमारे सामूहिक दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, लड़ाकू विमान मिग-29के की पहली लैंडिंग भी आईएनएस विक्रांत के साथ एकीकरण की शुरुआत है। उन सभी को बधाई जिन्होंने इसे संभव बनाया।
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