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Fact check:  मुस्लिम फेरी वालों पर कोरोना वायरस फैलाने का आरोप, जानिए वायरल ऑडियो क्लिप का सच

सार

जानिए ऑडियो की सच्चाई
वायरल ऑडियो की हकीकत
फेक न्यूज से रहें सावधान
गलत दावे के साथ किया जा रहा है वायरल
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जानिए ऑडियो की सच्चाई - फोटो : Amar Ujala
कोरोना वायरस के संक्रमण के साथ इस समय तेजी से फैल रहे सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली पोस्ट का भी मुकाबला करना है। कोरोना की महामारी में कुछ लोग भ्रामक और झूठे दावों के साथ खूब फेक न्यूज वायरल कर रहे हैं। हिन्दू - मुस्लिम एकता को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ये वक्त साथ मिलकर लड़ने का है और ऐसी वायरल पोस्ट्स का पर्दाफाश करके उनके मंसूबों को समझने का भी है। आजकल सोशल मीडिया के व्हाट्सप प्लेटफार्म पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि, हिंदुओं को फल और सब्जी बेचने वाले मुसलमानों का बॉयकॉट कर देना चाहिए। इस ऑडियो क्लिप में यह दावा किया गया, “वो हिंदू इलाकों में आते हैं और इन जगहों पर थूककर जिहाद करते हैं” । अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की और पाया ये दावा फर्जी है।

दावाकर्ता- व्हाट्सप वायरल ऑडियो
दावे का आधार- एक वायरल ऑडियो का संदेश

क्या किया जा रहा है दावा- वायरल ऑडियो को इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि, इस संदेश में कहा गया कि एक बड़ी धार्मिक सभा का आयोजन करने की वजह से निजामुद्दीन कोरोना वायरस का बड़ा हॉटस्पॉट बन गया, इसलिए हिंदुओं को फल और सब्जी बेचने वाले मुसलमानों का बॉयकॉट कर देना चाहिए। इस ऑडियो क्लिप में यह दावा किया गया, “वो हिंदू इलाकों में आते हैं और इन जगहों पर थूककर जिहाद करते हैं” ।
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सोशल मीडिया के प्लेटफार्म व्हाट्सप पर यह ऑडियो शेयर की जा रही है

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जानिए ऑडियो की सच्चाई - फोटो : Amar Ujala
पड़ताल के चरण
  • सोशल मीडिया के प्लेटफार्म व्हाट्सप पर यह ऑडियो शेयर की जा रही है।
  • पड़ताल की शुरुआत करते हुए सबसे पहले ध्यानपूर्वक ऑडियो को सुना

ऑडियो में क्या सुनाई दे रहा है-
  • यह ऑडियो क्लिप लगभग 6:24 मिनट का है।
  • इस ऑडियो क्लिप में जो व्यक्ति बोल रहा है वो खुद को गुजरात में सूरत के सिटी लाइट इलाके का रहनेवाला बता रहा है।
  • वो इसमें लोगो को चेतावनी दे रहा है इलाके में बढ़ती मुस्लिम फेरी-वालों की संख्या को लेकर।
  • वो व्यक्ति इसमें दावा कर रहा है कि मॉर्निंग वॉक के दौरान उसने फल और सब्जियां बेचते हुए 15-16 टेम्पो में मुस्लिम लड़कों को देखा है।
  • उसने एक व्यक्ति को बाजार रेट से कम दाम पर प्याज बेचते हुए देखा है।
  • साथ ही उसने एक फल-विक्रेता के वीडियो की चर्चा भी की जो उंगली चाटने के बाद सभी फलों को छू रहा था।
  • ऑडियो क्लिप में वो बार-बार एक बात को दोहराता है कि उसे अपने ‘हिंदू भाइयों’ की चिंता है और वो एक हिंदू होने का अपना कर्तव्य निभा रहा है।
  • अपने मैसेज को खत्म वो यह कहकर करता है कि कोई भी हिंदू कम-से-कम एक महीने तक किसी मुस्लिम दुकानदार से खाने का कोई भी सामान न खरीदे।
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जानिए ऑडियो की सच्चाई

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जानिए ऑडियो की सच्चाई - फोटो : Amar Ujala
ऑडियो में क्या बोला है -  “आज मैंने अनोखी घटना देखी और क्योंकि कोरोना वायरस की बीमारी बहुत ज्यादा फैल रही है, इसलिए आपसे प्रार्थना करता हूं कि इसको पूरा सुनें और सुनने के बाद आपको जो निर्णय सही लगे आप वो करें। मैं आज सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकला। मैं जब मॉर्निंग वॉक पर निकलता हूं तो मैं दूध और सब्जी भी ले आता हूं । पर आज मुझे मेरे एरिया में सात-आठ साल हो गए यहां रहते-रहते, आज पहली बार मैंने एक अनोखी बात देखी, सुबह वॉक करते-करते कि हर चार-रास्ते पर, गली के नुक्कड़ पर, करीब पांच किलोमीटर मेरी मॉर्निंग वॉक में करीब 15-16 जितने मैंने थ्री-व्हीलर टेम्पो देखे, जिसमें मुस्लिम लड़के सब्जी और फ्रूट्स बेच रहे थे। इसलिए मुझे शंका पैदा होती है कि पांच-सात साल से मैं यहां रहता हूं, मैंने आज दिन तक इन लोगों को नहीं देखा। ये पहली बार मुस्लिम लड़कों को थ्री-व्हीलर टेम्पो में सब्जी और फ्रूट्स बेचते देखा। अब क्योंकि कोरोना वायरस चल रहा है, फैल रहा है और तीन-चार दिन से मैं भी न्यूज देख रहा हूं कि तब्लीगी जमात, तब्लीगी समाज के मुस्लिम को कोरोना पॉजिटिव  होने के बावजूद क्वारंटाइन में नहीं रहना चाहते है और भागना चाहते हैं वहां से। तो एक शंका पैदा होती है कि क्या वो भाग करके हिन्दू एरिया में जा करके कोरोना को हिन्दू लोगों में फैलाना चाहते हैं? महामारी पैदा करना चाहते हैं? अब मैंने आज जो घटना देखी, मैंने आठ साल में नहीं देखी कभी”

गलत दावे के साथ किया जा रहा है वायरल

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जानिए ऑडियो की सच्चाई - फोटो : Amar Ujala
गूगल पर सर्च करने पर ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट मिली जिसके मुताबिक- गिरफ्त में आया ओसवाल मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के भिनटागाम का रहनेवाला है। अभी ओसवाल को जमानत पर छोड़ दिया गया। क्राइम ब्रांच के अनुसार ऑडियो क्लिप में जो बातें कही गईं वो सब झूठी हैं।

गौरतलब है कि  सूरत सिटी के क्राइम ब्रांच ने 4 अप्रैल को एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ, भारतीय दंड संहिता की धारा 153A  और धारा 188 और आपदा प्रबंधन कानून की धारा 54 के तहत शिकायत दर्ज की थी।
  • धारा 153A -दो संप्रदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना
  • धारा 269 -संक्रामक बीमारी फैलाने की लापरवाह हरकत
  • धारा 188 -सरकारी कर्मचारी द्वारा लागू आदेश का अनादर करने के लिए दंड। 
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जानिए ऑडियो की सच्चाई - फोटो : Amar Ujala
ऑडियो क्लिप को कैसे पहचाने-
  • कहां से आप तक आई है
  • किसने शेयर की है, वो आपका जानकार है या नहीं
  • जिसने शेयर की है उसकी प्रमाणिकता क्या है
  • किस सोर्स से फॉरवर्ड की गई है
  • जो बोला जा रहा है वह किस तरह का कंटेंट है
  • उसके बोलने की टोन क्या है, सकारात्मक या नकारात्मक
  • क्या आप उस सोर्स का वेरिफिकेशन कर सकते हैं
  • किस समय वो वायरल हो रहा है
  • क्या उसके द्वारा दी जा रही सूचना को किसी प्रमाणिक प्लेटफार्म ने पब्लिश या ऑन-एयर किया है
इस तरह की समझदारी से भी आप एक ऑडियो क्लिप की नीयत को पहचान सकते हैं, बिना सोचे समझे आगे फॉरवर्ड और शेयर बिलकुल नहीं करें
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4 अप्रैल को, ‘दी इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट

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जानिए ऑडियो की सच्चाई - फोटो : Amar Ujala
4 अप्रैल को, ‘दी इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट हमारे हाथ लगी जिसमें लिखा था कि अल्पसंख्यक समुदाय का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार के लिए उकसाने वाले मैसेज शेयर करने के आरोप में गुजरात के अलग-अलग हिस्सों से सात लोगों को गिरफ्तार किया है।  


पड़ताल के परिणाम-

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ने इन सभी मैसेज को झूठा बताया और सिटी पुलिस और क्राइम ब्रांच को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पूरा इंतजाम करने के लिए निर्देश भी जारी किए है। यह वायरल पोस्ट फर्जी है। अमर उजाला लगातार सोशल मीडिया में वायरल हो रहे भ्रामक दावों की सच्चाई और तथ्य आपके सामने रख रहा है, ताकि आप भी रहे जागरूक।
 
कोरोना वायरस से  जुड़ी हर फेक न्यूज और भ्रामक जानकारियों से लड़ना है। खबरों को भी झूठे तथ्यों के संक्रमण से बचाना है। अफवाहों से सावधान रहें और कुछ भी शेयर करते समय जांच पड़ताल कर लें।

कोरोना वायरस और फेक न्यूज से सावधानी ही बचाव है।



*Fact Check By Google Certified Fact Checker.
Apply Tools-
-Google Reverse Image Search  
-Google Translate
- Talk to Gujrati Language Expert

Bibliography and References-

*भारतीय दंड संहिता


*Gujarat arrests seven for sharing hate messages.
Read more at:
https://indianexpress.com/article/india/tablighi-jamaat-congregation-covid-19-hotspot-social-boycott-hate-messages-6346529/

*Man spreading hate audio clip nabbed
Read more at:
http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/75018180.cms?utm_source=contentofinterest&utm_medium=text&utm_campaign=cppst
https://timesofindia.indiatimes.com/city/surat/man-spreading-hate-audio-clip-nabbed/articleshow/75018180.cms

*અમદાવાદ / હિન્દુ વિસ્તારમાં થૂંકીને કોરોના ફેલાવાનો ખોટો મેસેજ વોટ્સએપ પર વાઈરલ થતાં પોલીસ એલર્ટ, જામનગરના એક સામે ગુનો નોઁધાયો
Read more at:
https://www.divyabhaskar.co.in/local/gujarat/ahmedabad/news/whats-app-fake-message-on-split-and-spread-corona-msg-ahmedabad-police-alert-127094503.html
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