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तेजस के बाद अब दुश्मन को तबाह करने के लिए स्वदेशी अपाचे हेलीकॉप्टर

Sun, 01 Mar 2020 09:52 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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भारतीय वायुसेना का अपाचे - फोटो : PTI
दुश्मन को नेस्तनाबूद करने के लिए भारत अब घातक स्वदेशी अपाचे हेलीकॉप्टर बनाने की तैयारी कर रहा है। हल्के लड़ाकू स्वदेशी विमान तेजस के उत्पादन के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने इसके लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है।

इसके तहत 2027 तक 10 से 12 टन क्षमता वाले हमलावर सैन्य हेलीकॉप्टरों का उत्पादन शुरू हो जाएगा। दरअसल, एचएएल ने अपने इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को तैयार कर रक्षा मंत्रालय को भेजा है, जिस पर बस मुहर लगनी बाकी है। ये हेलीकॉप्टर अमेरिकी कंपनी बोइंग के घातक अपाचे गार्जियन की तर्ज पर होंगे।

एचएएल के प्रबंधन निदेशक आर माधवन ने बताया कि इस मेगा परियोजना का मकसद आने वाले वर्षों में थल, वायु और नौसेना के लिए चार लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत वाले सैन्य हेलीकॉप्टरों के आयात पर रोक लगाना है। उन्होंने कहा, एचएएल ने इस स्वदेशी हेलीकॉप्टर के शुरुआती डिजाइन पर काम पूरा कर लिया है।

फिलहाल, शुरुआती योजना में कम से कम ऐसे 500 हेलीकॉप्टर बनाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसी साल इस परियोजना को मंजूरी दे देती है तो इसका पहला प्रोटोटाइप 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। एक बार तैयार होने के बाद इसे निर्यात के लायक उत्पादन किया जा सकता है।
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अपाचे हेलिकॉप्टर - फोटो : ani
वायुसेना की रीढ़ कहे जाने वाले एमआई-17 के बेडे़ को हटाएगा
माधवन ने बताया कि इस मेगा परियोजना के तहत बनने वाले हेलीकॉप्टर एमआई-17 की जगह लेगा। भारतीय सेना की रीढ़ कहे जाने वाले एमआई-17 हेलीकॉप्टर रूस से आयात किए जाते हैं, जो बंदूकों और हथियारों से लैस होते हैं। एमआई-17 को कई चरणों में 2032 तक सेना से हटाए जाने की योजना है। एचएएल ने इससे पहले हल्के उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टर, बहुआयामी भूमिका वाले उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर और चेतक हेलीकॉप्टर बनाए हैं।
  • 10 से 12 टन हथियार ले जाने में सक्षम ये हेलीकॉप्टर 2027 तक बनकर होंगे तैयार
  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तैयार किया महत्वाकांक्षी प्रस्ताव, रक्षा मंत्रालय को भेजा
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अपाचे हेलीकॉप्टर - फोटो : Social media
9,600 करोड़ खर्च होंगे सिर्फ डिजाइन पर
माधवन ने कहा, इन स्वदेशी हेलीकॉप्टरों के डिजाइन और इसके प्रोटोटाइप पर 9,600 करोड़ खर्च करने की जरूरत होगी। एक सैन्य विशेषज्ञ के मुताबिक, तेजस सैन्य विमानों के विकास के बाद एचएएल की यह सबसे बड़ी परियोजना होगी। माधवन ने कहा कि हमने वायुसेना और नौसेना से इन हेलीकॉप्टरों के लिए बात भी कर ली है। इस हेलीकॉप्टर का नौसेना का संस्करण थल सेना और वायुसेना से अलग होगा।

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अपाचे हेलीकॉप्टर की पहली खेप पहुंची हिंडन एयरबेस - फोटो : ANI
खासियत: दो ताकतवर इंजन से बनेगा जंगी योद्धा
  • अभियानों के सफल संचालन के लिए दो ताकतवर इंजन होंगे
  • समुद्री अभियानों के दौरान हेलीकॉप्टर के पंखे खुद मुड़ जाएंगे
  • हवाई हमलों, हवाई परिवहन, जंगी सामग्री ढोने और तलाशी अभियानों में मददगार
  • उन्नत घातक हथियारों से लैस होगा और बड़ी मात्रा में विस्फोटक भी ले जा सकेगा
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एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर - फोटो : ANI
एकसाथ 14 मिसाइलें दागने की क्षमता वाले 22 अपाचे खरीदेगा भारत
भारतीय वायुसेना फिलहाल अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से 22 अपाचे गार्जियन हमलावर हेलीकॉप्टर खरीदेगा। सेना हथियार प्रणाली के साथ छह अपाचे हेलीकॉप्टरों की खरीद कर रही है। इस समझौते पर हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के वक्त मुहर लगी थी।

सितंबर, 2015 में भारतीय वायुसेना ने बोइंग और अमेरिकी सरकार के साथ 3 बिलियन डॉलर की डील की थी, जिसमें 22 अपाचे लड़ाकू विमान और 15 चिनूक हेलिकॉप्टर लेने की डील हुई थी। अपाचे में एकसाथ 14 मिसाइलें दागने की क्षमता है।
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