संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन विधेयक’लंबी बहस के बाद आखिरकार पास हो गया। इसके पक्ष में 454 वोट पड़े। इस विधेयक का विरोध सिर्फ दो लोगों ने किया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में विधेयक पेश किया था। लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा के बाद 27 महिला सांसदों ने समर्थन किया। वर्तमान में लोकसभा में 82 महिला सांसद हैं। हालांकि इन सांसदों ने बिल में ओबीसी, एससी-एसटी कोटा शामिल करने और बिना किसी देरी इसे लागू करने की मांग की।
इन महिला सांसदों ने लिया बहस में हिस्सा
कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले, डीएमके की कनिमोझि, सपा की डिंपल यादव और शिअद से हरसिमरत कौर ने बहस में हिस्सा लिया। इनके अलावा लोकसभा सदस्य सुमलता अंबरीश, सर्मिष्टा सेठी, जसकौर मीना, संध्या रे, नवनीत रवि राणा, वीणा देवी, सुनीता दुग्गल, एस. जोथिमनी, भावना गवली (पाटिल), संगीता आजाद, राजश्री मल्लिक, गीता विश्वनाथ वांगा, काकोली घोष दस्तीदार, डॉ. बीसेटी वेंकट सत्यवती, राम्या हरिदास, गोमती राय, कविता सिंह, अगाथा के संगमा, अपराजिता सारंगी, शारदाबेन अनिलभाई पटेल और शताब्दी रॉय भी चर्चा में शामिल हुईं।