शेफाली वर्मा
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तूफानी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच से पहले वीरवार को अपने प्रथम प्रशिक्षक यानी पापा को फोन लगाया। बेटी ने पूछा कि टेस्ट मैच में अच्छी ओपनिंग का सबसे अच्छा फार्मूला उनकी नजर में क्या है। पापा ने कहा- बेटी तू किसी से कमजोर नहीं है, बस अपने ओरिजिनल शॉट्स खेलना। बेटी ने पापा की सीख को बल्ले में उतारा और बढ़े मनोबल के साथ शुक्रवार को चेन्नई के चेपक स्टेडियम में 23 चौके और 8 छक्कों के दम पर उसने महिला क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक (194 गेंद पर 200 रन) लगा दिया। रन आउट होने से पहले उसने महज 197 गेंद पर 205 रन बना लिए थे। शैफाली ने स्मृति मंधाना के साथ पहले विकेट के लिए महज 52 ओवर में 292 रन की साझेदारी की है, जो टेस्ट क्रिकेट में यादगार पारी बन गई। इतनी बड़ी सफलता पाने के बाद शुक्रवार शाम शैफाली ने फोन पर जब अपने पापा संजीव वर्मा से बात की तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए।