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एशियाड में स्वर्ण पदक: टीम में चमका रोहतक की शैफाली का बल्ला, पिता से कहा था- जीतने के लिए लगा देंगे पूरा दम

Mon, 25 Sep 2023 07:40 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
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टीवी पर फाइनल मुकाबला देखते शैफाली वर्मा के पिता और माता। स्वर्ण पदक के साथ शैफाली। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शैफाली वर्मा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए शुभंकर बन गई है। अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को न केवल 2023 में अंडर 19 वर्ल्ड कप जितवाया, बल्कि महिला विश्वकप और अब एशियाड में चैंपियन बनी टीम में भी शामिल रही। शैफाली ने एशियाड में अर्धशतक लगाने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। भारतीय टीम और होनहार बेटी की कामयाबी पर पिता संजीव वर्मा बेहद खुश हैं। सोमवार को उन्होंने पत्नी प्रवीण बाला के साथ बैठकर मैच का पूरा आनंद लिया।

उन्होंने कहा है कि बेटी शैफाली वर्मा के लिए वर्ष 2023 बेहद खास रहा है। पहले जनवरी में शैफाली के नेतृत्व में भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम ने विश्वकप जीता, जो अपने आप में बड़ी बात है। इसके बाद भारतीय टीम ने फरवरी में हुआ महिला वर्ल्ड कप जीता, जिसमें भी शैफाली ने भाग लिया। महिला आईपीएल में दिल्ली ने शैफाली के लिए दो करोड़ की राशि खर्च की थी।
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शेफाली वर्मा - फोटो : बीसीसीआई
अब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार एशियन गेम्स में भाग लिया और स्वर्ण पदक जीत लिया। शैफाली ने पहले मैच में मलेशिया के खिलाफ शानदार 4 चौकों और 5 छक्कों की बदौलत 39 गेंदों पर 67 रन बनाए। दूसरे मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 21 गेंदों में 17 रन और फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 15 गेंदों पर 9 रन बनाए।
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शेफाली वर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
दो दिन पहले आया था फोन, बोली- जीतने के लिए लगा देंगे पूरा दम
संजीव वर्मा ने बताया कि दो दिन पहले शैफाली से फोन पर बातचीत हुई थी। उसने कहा था कि पापा, आप चिंता मत करो। भारतीय टीम गोल्ड जीतकर ही लौटेगी। पूरी टीम में जोश व उत्साह है। टीम को जिताने के लिए पूरा दम लगा दूंगी। वह कहते हैं कि चाहे बेटी फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ कम रन बना सकी, लेकिन उसे टीम की जीत पर बेहद खुशी है। अब शायद दो दिन बाद टीम भारत लौटेगी।

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मंधाना और शेफाली - फोटो : सोशल मीडिया
सचिन का रिकाॅर्ड तोड़ चुकी है शैफाली वर्मा
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्द्धशतक जड़ने वाली भारत की सबसे युवा खिलाड़ी शैफाली वर्मा रही। उसने सचिन तेंदुलकर का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। शैफाली ने यह उपलब्धि 15 साल और 285 दिन की उम्र में हासिल की थी। इस तरह उसने दिग्गज क्रिकेटर तेंदुलकर को पीछे छोड़ा, जिन्होंने अपना पहला टेस्ट अर्द्धशतक 16 साल और 214 दिन की उम्र में बनाया था। रोहतक की इस युवा खिलाड़ी ने सूरत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने कॅरिअर के दूसरे टी-20 मैच में 46 रन की पारी खेली थी।
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शेफाली और स्मृति मंधाना - फोटो : सोशल मीडिया
पिता के साथ खेलकर ही बड़ी हुई शैफाली
शैफाली के पिता संजीव वर्मा भी क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट खेला है। अपने क्रिकेट अनुभव को बेटी से साझा करते हुए उसे बेहतर खेलने के लिए प्रेरित किया। उसने क्रिकेट अकादमी में लड़कों के साथ खेल का अभ्यास किया। खेल के लिए भी उसने अपने बाल भी लड़कों की तरह कटवाए। संजीव बताते हैं कि शैफाली ने आठ वर्ष की उम्र में शहर के झज्जर रोड स्थित हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से चलाए जा रहे रामनारायण क्रिकेट क्लब से खेलने की शुरुआत की थी।
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