मामले की जांच करती पुलिस।
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गांव की गैंग ने मारी है गोली
बलवान ने कहा कि मेरा बेटा रोहित शाम को गांव के ही सीएससी में रुपये जमा कराने गया था। उसे मैंने ही रुपये लाकर दिये थे। गांव के ही युवकों ने रंजिशन उसे मारा है। मारने वालों में से एक पुलिस का मुखबिर है। उसे सुरक्षा भी दे रखी है। मुझे वारदात के बाद पता लगा कि रोहित को पीजीआई ले गए हैं। यहां आया तो वह जा चुका था। मुझे नहीं पता था कि रुपये जमा कराने गया बेटा कभी नहीं लौटेगा। हमलावर पहले भी हमला कर चुके हैं। मेरे भतीजे को गोली मार चुके हैं। पिछले महीने 26 जनवरी को भी प्रधान पर गोली चलाई। पुलिस इस मामले में सख्त कार्रवाई करे।
रिटौल के दोहरे हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई कर रही है। खुद मौके का मुआयना किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं। इसमें एवीटी, सीआईए व शिवाजी कॉलोनी थाने की टीमें शामिल हैं। पुलिस हर पहलू को ध्यान रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। - उदय सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक।