चंडीगढ़ में दिनदहाड़े मेडिकल स्टोर के कैशियर की हत्या का मामला सामने आया है। शूटर ने डेढ़ सेकंड में 13 गोलियां दाग दीं। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। गोल्डी ढिल्लों ने हत्या की जिम्मेदारी ली है।
चंडीगढ़ में शनिवार दोपहर 2.30 बजे सेक्टर-11 डी के एससीओ-14 के श्री कुमार मेडिकल केमिस्ट-1 में घुसकर दो नकाबपोश शूटरों ने कैशियर जानकी दास की ऑटोमैटिक विदेशी पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। वारदात इतनी तेजी से अंजाम दी गई कि एक से डेढ़ सेकंड के भीतर करीब 13 गोलियां दाग दी गईं।
हैरानी की बात यह है कि जिस समय गोलीकांड हुआ, घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर पुलिस की नाकाबंदी चल रही थी। हत्या के कुछ घंटों बाद गोल्डी ढिल्लों ग्रुप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इस वारदात की जिम्मेदारी ली।
पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि जिसे हमारे फोन की रिंग सुनाई नहीं देगी, उसका दिमाग गोली से खोल देंगे। साथ ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उसके समर्थकों को भी खुली धमकी दी गई। पोस्ट में राणा ढिल्लों, गोल्डी ढिल्लों ग्रुप, 420 ग्रुप कनाडा, आकाश हरिके-47 और सुक्ख संधू का भी जिक्र किया गया है। पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस की जांच को नया एंगल मिल गया है।
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सीसीटीवी में कैद हुए फायरिंग के आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
हमलावरों की तलाश के लिए टीमें गठित : चंडीगढ़ एसएसपी
सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें गठित कर दी गई हैं। तीनों आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। जालंधर पुलिस ने भी 8-9 आरोपियों की पहचान कर ली है, जबकि अमृतसर पुलिस फुटेज के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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मेडिकल शॉप में फायरिंग करते आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि मूलरूप से हिमाचल के रोहडू के रहने वाले जानकी दास अपने सहयोगी के साथ दवाइयों की बिलिंग और नकदी लेने के काम में व्यस्त था। तभी दो युवक चेहरे पर मास्क लगाकर दुकान में दाखिल हुए।
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सीसीटीवी की डीवीआर लेकर जाते हुए पुलिस कर्मचारी
- फोटो : संवाद
एक शूटर ने ऑटोमैटिक हथियार निकाला, उसे लोड किया और सीधे जानकी दास के सीने पर गोलियां बरसा दीं। फायरिंग होते ही दुकान में अफरा-तफरी मच गई। जानकी दास लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। दूसरा शूटर पिस्टल लेकर उसके साथ खड़ा रहा। वारदात के बाद दोनों हमलावर बाहर भागे, जहां मुख्य सड़क पर बाइक पर उनका तीसरा साथी इंतजार कर रहा था। वारदात के बाद तीनों सेक्टर-11 क्राइम ब्रांच कार्यालय की ओर भाग निकले। दुकानदारों का आरोप है कि गोलियों की आवाज सुनने के बावजूद पुलिस तत्काल मौके पर नहीं पहुंची।
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एसपी प्रियंका को जानकारी देते हुए नाके पर मौजूद पुलिस कर्मचारी
- फोटो : संवाद
पीजीआई और जीएमएसएच-16 के मरीजों की भीड़ से भरे इस इलाके में दिनदहाड़े हुई हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जानकी दास लंबे समय से धनास में रह रहे थे जबकि उसकी पत्नी हिमाचल प्रदेश के रोहडू क्षेत्र में सरपंच है। वहीं, इस हत्याकांड के कुछ घंटों के बाद पुलिस को वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल सेक्टर-3 स्थित बोगनविले गार्डन के बाहर से बरामद हुआ।
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गोली के खोल को उठाती हुई फोरेंसिक टीम
- फोटो : संवाद
कैशियर को पहले कभी रंगदारी या मारने की धमकी नहीं मिली
सोशल मीडिया पोस्ट और पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने एक नया तथ्य भी आया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि श्री कुमार मेडिकल हॉल-1 के संचालक को कभी किसी गैंगस्टर की ओर से रंगदारी या धमकी नहीं मिली थी जबकि इसी सेक्टर में स्थित कुमार ब्रदर्स केमिस्ट के संचालकों को पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग की ओर से धमकियां मिल चुकी हैं। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि एक जैसे नाम होने के कारण शूटरों ने गलत दुकान को निशाना बना दिया हो। आशंका है कि हमलावर कुमार ब्रदर्स को टारगेट करने आए थे लेकिन भ्रम की स्थिति में श्री कुमार मेडिकल हॉल-1 में घुस गए। हालांकि, पुलिस अभी इस सिद्धांत की आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है।
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गोली चलने के बाद जमीन पर पड़ा कारतूस का खोल
- फोटो : संवाद
सेक्टर-11 गोलीकांड के बाद गैंगस्टरों की नई चुनौती, पांच कारोबारियों को विदेशी नंबरों से रंगदारी की धमकी
चंडीगढ़। सेक्टर-11 में श्री कुमार मेडिकल के कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के कुछ ही घंटों बाद गैंगस्टरों ने चंडीगढ़ पुलिस और कारोबारियों को नई चुनौती दे दी। सेक्टर-11 मार्केट के पांच कारोबारियों को फ्रांस, कनाडा और अन्य विदेशी नंबरों से कॉल कर रंगदारी मांगी। कारोबारियों को धमकी दी कि यदि एक्सटॉर्शन मनी नहीं दी गई तो उनका भी वही हश्र होगा जो जानकी दास का हुआ। इतना ही नहीं, आरोपियों ने सेक्टर-11 की दुकानों को बम से उड़ाने की धमकी भी दी।
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घटना के बाद जांच के लिए पहुंचे एसएसपी सुमेर प्रताप सिंह
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धमकी भरे फोन आने के बाद पूरे कारोबारियों में दहशत का माहौल है। कारोबारियों ने तत्काल इसकी सूचना चंडीगढ़ पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें जांच में जुट गई हैं। कारोबारियों ने शहर में बढ़ती गैंगस्टर गतिविधियों और रंगदारी के मामलों पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चंडीगढ़ में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाने की अपील की है।
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जांच करती हुई पुलिस और फोरेंसिक टीम
- फोटो : संवाद
प्रारंभिक जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कॉल वास्तव में विदेशों से की गई हैं या फिर इंटरनेट आधारित तकनीक और वर्चुअल नंबरों के माध्यम से विदेशी नंबरों का इस्तेमाल किया गया है। जांच एजेंसियां कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईपी लॉग, इंटरनेट ट्रैफिक और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हत्या और धमकी भरे फोन कॉल के बीच का अंतराल बेहद कम होने के कारण दोनों घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध से इन्कार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि जांच टीमें इस एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं।
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फायरिंग के लिए मेडिकल शॉप में घुसे नकाबपोश
- फोटो : वीडियो ग्रैब
धमकियों की सूचना मिलते ही सेक्टर-11 मार्केट और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बाजार क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई दुकानों को एहतियातन कुछ समय के लिए बंद कराया गया, जबकि आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की निगरानी बढ़ा दी गई है। एसएसपी सुमेर प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सेक्टर-11 मार्केट के बाहर स्थायी नाकाबंदी, अतिरिक्त पीसीआर तैनाती और चौबीसों घंटे गश्त के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि कारोबारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और धमकी देने वालों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मेडिकल शॉप में घटना से पहले का दृश्य
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पुलिस टीमें मार रहीं छापेः एसएसपी
घटना की जांच के लिए ऑपरेशन सेल और क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। तीनों आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से खून, कारतूसों के खोल और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनका विश्लेषण कराया जा रहा है। सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी, चंडीगढ़