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हरियाणा में बारिश से गिरा तापमान: किसानों का बड़ा नुकसान, मंडियों में भीगी गेहूं की फसल; आगे कैसा रहेगा मौसम?

Wed, 08 Apr 2026 10:28 AM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार/रोहतक/करनाल

सार

उत्तर भारत समेत हरियाणा में मंगलवार रात को हुई तेज बारिश से जहां मौसम सुहावना हो गया है। वहीं, दूसरी ओर किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंडियों में रखी गेहूं की फसल भीग गई है। बारिश से अधिकतम तामपान में 12 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। 
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बारिश में तिरपाल से गेहूं को ढकते किसान - फोटो : संवाद
हरियाणा में मंगलवार रात से मौसम ने एक बार फिर करवट ली। बीते 24 घंटों में प्रदेश के 20 जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई। इससे अधिकतम तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में दिन का तापमान 24 से 29 डिग्री के बीच रहा। बारिश के कारण गर्मी से तो राहत मिली लेकिन किसानों की मुश्किल बढ़ गई है।
 
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पानीपत जीटी रोड पर बारिश में चुन्नी का सहारा लेती युवतियां - फोटो : संवाद
नूंह व सोनीपत में किसानों को नहीं मिला तिरपाल 
मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद मंडियों में फसल प्रबंधन के उचित प्रबंध नहीं किए गए। कहीं तिरपाल कम पड़ गईं तो कहीं प्रबंध ही नहीं किया गया। नतीजा हजारों क्विंटल गेहूं व बोरियां भीग गईं। अकेले पानीपत में 20 हजार क्विंटल गेहूं भीग गई। इससे प्रदेश की अधिकतर मंडियों में सरकारी और निजी खरीद भी ठप रही। पूरा दिन किसान अपने स्तर पर मंडियों में लाई गई फसल को बचाते नजर आए। नूंह व सोनीपत में किसानों को तिरपाल ही नहीं मिला। 
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पानीपत अनाज मंडी में बारिश में भीगा गेहूं - फोटो : संवाद
रेवाड़ी में खराब मौसम के कारण मंडी की बंद 
वहीं, झज्जर में हजारों क्विंटल गेहूं भीगने के बाद बुलडोजर की मदद से उसे शेड के नीचे करने का प्रयास किया गया। रेवाड़ी में तो खराब मौसम के कारण मंडी ही बंद कर दी गई। हिसार व भिवानी में जिला मुख्यालय की मंडी में फसल को तिरपाल से ढका पर तेज हवा के कारण फसल भीग गई। करनाल में भी शेड के बाहर पड़े गेहूं को किसान तिरपाल से ढकते नजर आए। अंबाला में केवल साहा अनाज मंडी में थोड़ा गेहूं भीगा है। हालांकि कैथल, यमुनानगर व फतेहाबाद में बचाव रहा।

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बारिश के बाद सड़क पर जलभराव - फोटो : संवाद
किसानों के चेहरे पर चिंता 
मंडियों में उचित प्रबंध नहीं होने के कारण किसानों के चेहरे पर चिंता और बेबसी साफ झलकी। पलवल की मंडी में पहुंचे किसान रघुवीर ने बताया कि सरकार ने 12 प्रतिशत नमी का मानक तय किया है लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण फसल ठीक से सूख ही नहीं पा रही। पहले ओलावृष्टि ने फसल को नुकसान पहुंचाया। अब बारिश से हालत और खराब हो गई है। फसल मानकों पर खरी नहीं उतर रही तो खरीद कैसे होगी। इस बीच खेतों में गेहूं कटान व थ्रेसिंग का कार्य रुक गया है। फसल भीगने के कारण नमी की मात्रा बढ़ने की पूरी संभावना है।
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मंडी में गेहूं के ढेर के पास जलभराव - फोटो : संवाद
सिरसा, फरीदाबाद व हांसी में नहीं बरसे बादल
अंबाला, पंचकूला, हिसार, महेंद्रगढ़, रोहतक, कुरुक्षेत्र भिवानी, जींद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, करनाल, पलवल, नूंह, पानीपत, झज्जर, सोनीपत, चरखी-दादरी, कैथल, यमुनानगर, फतेहाबाद में बारिश हुई है। हालांकि सभी जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। फरीदाबाद, हांसी व सिरसा में बारिश नहीं हुई। तापमान में एक दिन में इतनी गिरावट से लोगों को सर्दी महसूस हुई।

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हल्की बारिश में खुले आसमान के नीचे पड़ा गेहूं - फोटो : संवाद
कैथल में गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त 
वहीं, हरियाणा के कैथल जिले में करीब 17,500 मीट्रिक टन गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल ही सहारा है। दरअसल, एक ओर जहां गेहूं की आवक तेज हो गई है, वहीं खरीद की सुस्त रफ्तार ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के 42 मंडी केंद्रों पर करीब 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है, लेकिन अब तक केवल 4,500 मीट्रिक टन की ही खरीद हो पाई है। वहीं, बारिश के बाद किसानों की परेशानी बढ़ गई है। 

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रेवाड़ी मंडी में बारिश से भीगी गेहूं की फसल - फोटो : संवाद
आज भी पूरे प्रदेश में बरसेंगे बादल
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि संपूर्ण प्रदेश में तेज हवा और बूंदाबांदी हुई है। कुछ स्थानों पर मामूली ओलावृष्टि की गतिविधियों को भी दर्ज किया गया। पूर्वी और उत्तरी जिलों में 20-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा ने मौसम को बदला। बुधवार को भी तेज हवा के साथ हल्की बारिश की संभावना है। गुरुवार को उत्तरी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। 11 अप्रैल को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से धीरे-धीरे संपूर्ण इलाके में तापमान में एक बार फिर से बढ़ोतरी की संभावना बन रही है।
 
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