पानीपत में घर से मिले कंकाल।
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रात होने तक करता रहा इंतजार, अंधेरा होने पर घसीटकर शव गड्ढे में डाले
मजदूर के जाने के बाद अहसान ने अंधेरा होने तक इंतजार किया। अंधेरा होने के बाद उसने कमरे का ताला खोला और एक-एक कर तीनों के शव को घसीट कर लाया और गड्ढे में डाल दिया। निशानी मिटाने के लिए नाजनीन और साजिद, सोहेल के पुराने कपड़े गड्ढे में डाले और शवों को जलाने का प्रयास किया। इसके बाद मिट्टी डालकर गड्ढे को भर दिया।