फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली के बाद पंजाब में 'आप': हरियाणा की सियासत पर पड़ेगा असर, जानिए कैसे बदल सकते हैं सियासी समीकरण

Thu, 10 Mar 2022 01:53 PM IST
भूपेंद्र सिंह सुरेंद्र दलाल, अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

दिल्ली के बाद पंजाब में आप की जीत से हरियाणा की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है। आम आदमी पार्टी का अगला लक्ष्य हरियाणा है। भविष्य में हरियाणा के कुछ बड़े चेहरे आप में शामिल हो सकते हैं। अरविंद केजरीवाल मूल रूप से हरियाणा के ही रहने वाले हैं। 
विज्ञापन
1 of 5
दिल्ली के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत का हरियाणा की राजनीति पर पड़ेगा असर। - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के बाद पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रचंड बहुमत के बाद हरियाणा की राजनीति में भी बदलाव आ सकता है। कांग्रेस-भाजपा में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे कुछ बड़े चेहरे आम आदमी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। जिसका हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में असर दिखेगा। अरविंद केजरीवाल मूलत: हरियाणा के सिवानी क्षेत्र से संबंध रखते हैं। उनकी प्राथमिक शिक्षा भी हिसार एचएयू के कैंपस स्कूल से रही है। ऐसे में उम्मीद है कि दिल्ली और पंजाब के बाद उनका अगला लक्ष्य हरियाणा रहेगा।

 

एक ओर दिल्ली दूसरी ओर पंजाब, बीच में हरियाणा, किसान आंदोलन भी बन सकता है फैक्टर
दिल्ली के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हरियाणा की राजनीति में भी बदलाव होना तय है। हरियाणा का बड़ा हिस्सा दिल्ली तथा दूसरी ओर पंजाब के साथ लगता है। किसान आंदोलन के समय हरियाणा-पंजाब के लोगों का आपस में काफी जुड़ाव हुआ। हालांकि पंजाब के चुनाव नतीजों पर किसान आंदोलन का असर नहीं दिख रहा है। दूरगामी दृष्टि से देखें तो प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2024 में होना है, लेकिन बदलाव जल्द शुरू होने के आसार हैं। इसके कई कारण हैं। हरियाणा में किसानों का प्रदेश सरकार के साथ लंबे समय तक टकराव रहा। अब भी किसान पूरी तरह से सरकार से खुश नहीं हैं।
विज्ञापन

2 of 5
Congress symbol - फोटो : Social Media
पंजाब की तरह हरियाणा में भी कांग्रेस की आपसी कलह
प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं के आपसी टकराव तथा राष्ट्रीय नेतृत्व के कारण कांग्रेस उतनी मजबूत साबित नहीं हो रही। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। जो तीसरे विकल्प के तौर पर आम आदमी पार्टी को अपना सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। - फोटो : amar ujala
आप का कोई बड़ा नेता नहीं, दूसरे दलों के बड़े नेताओं के लिए विकल्प
भाजपा में दूसरे दलों से आए कुछ वरिष्ठ नेता आप का दामन थाम सकते हैं। इस समय आम आदमी पार्टी का हरियाणा में प्रदेश का कोई नेता नहीं है। ऐसे में दूसरे दलों के नेता यहां इंट्री कर खुद की पहचान मजबूत बनाने का प्रयास कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि कांग्रेस समय रहते नहीं संभली तो आगामी चुनाव में बड़ा नुकसान हो सकता है।

लोगों को भी तीसरे विकल्प की आस
सिवानी क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को हरियाणा की राजनीति में अब सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि यहां के लोगों को भ्रष्टाचार से निजात मिल सके।

4 of 5
bjp symbol - फोटो : सोशल मीडिया
राव इंद्रजीत का सीएम से मतभेद
अहीरवाल क्षेत्र के एक नेता का सीएम के साथ मतभेद है। उनकी बेटी को वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था। ऐसे में नेता अपनी बेटी का राजनीतिक भविष्य तैयार करने के लिए आम आदमी पार्टी में इंट्री कर सकते हैं।

बीरेंद्र सिंह भी सरकार के खिलाफ मुखर 
एक पूर्व मंत्री भी भाजपा सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं। उन्होंने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा था। उनके बेटे भी भाजपा के साथ खुलकर नहीं दिखते। नेता अपने बेटे के लिए आप का दामन थाम सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अरविंद केजरीवाल - फोटो : Self
यहां अधिक प्रभाव होने का असर
दिल्ली के साथ लगते गुरुग्राम, फरीदाबाद में अरविंद केजरीवाल का सबसे अधिक असर रहने की संभावना है। यहां के लोग दिल्ली में निशुल्क पानी, 200 यूनिट बिजली फ्री, शिक्षा, स्वास्थ्य की सेवाओं को देखते हैं। यहां की अधिकतर सीटों पर बाहरी लोगों का प्रभाव है। इस कारण यहां आम आदमी की संभावना सबसे अधिक है। साथ ही पंजाब के साथ लगते सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला ,कैथल, पंचकूला में भी असर रहने की संभावना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें