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Haryana Monsoon Rain: उत्तरी, पूर्वी व दक्षिणी जिलों में हुई बारिश, रोहतक में 201.6 MM वर्षा से लबालब हुई सड़कें

Thu, 30 Jun 2022 10:26 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)

सार

प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। गुरुवार को हरियाणा के उत्तरी, पूर्वी व दक्षिणी जिलों में बारिश हुई। रोहतक में हुई सबसे ज्यादा 201.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। आज मानसून के पश्चिमी जिलों में पहुंचने की संभावना है। 
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हरियाणा के रोहतक में मानसून की पहली बारिश में हुडा कॉम्लेक्स के पास सड़कें हुई लबालब। - फोटो : सतीश कुमार, संवाद।
हरियाणा में मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून के असर से प्रदेश के उत्तरी, पूर्वी व दक्षिणी जिलों में हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान रोहतक में सबसे ज्यादा 201.6 एमएम बारिश हुई। शुक्रवार को मानसून के पश्चिमी जिलों में भी पहुंचने की संभावना है। 

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार पिछले कई दिनों से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर पश्चिमी पवनों के प्रभुत्व की वजह से उमस व पसीने वाली भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। मगर जैसे ही पश्चिमी पवनों की जगह दक्षिणी पूर्वी नमी वाली का रुख  मैदानी राज्यों पर हुआ, वैसे ही  मानसून गतिविधियों ने धीरे धीरे मैदानी राज्यों पर रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया। इसके साथ ही गुरुवार को हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मानसून का आगाज हो गया। गुरुवार अलसुबह से हरियाणा के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, पानीपत, सोनीपत, पलवल, फरीदाबाद में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं व बारिश की गतिविधियां हुईं। फतेहाबाद जिले में 11 एमएम और चरखी दादरी में 25 एमएम बारिश हुई है।  
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बारिश से झील बन गई वार्ड-1 की सड़कें। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिलहाल एक निम्न वायु दबाव का क्षेत्र उत्तरी मध्य प्रदेश, दक्षिणी उत्तर प्रदेश व पूर्वी राजस्थान पर बना हुआ है, जिसकी वजह से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से प्रचुर मात्रा में नमी मिलने से व हवाओं का रूख बदलने से मानसून को रफ्तार मिली है। शुक्रवार तक हरियाणा के पश्चिमी हिस्से सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी व महेंद्रगढ़ पर मानसून की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 25.8 से 40.7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
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रोहतक में बारिश के दौरान सड़क से जाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रदेश में मानसून के सामान्य से ऊपर रहने की संभावना
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी। मानसून धीरे धीरे अपनी लय पकड़ेगा और संपूर्ण हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में इस बार सामान्य से ऊपर रहने की संभावनाएं बन रही है। भारतीय मौसम विभाग ने संपूर्ण इलाके पर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।

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खालसा कॉलेज के पास स्थित दशमेश कॉलोनी में भरा पानी व गुजरता वाहन चालक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर से बारिश, यमुना में बढ़ा जलस्तर
मानसून की पहली बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। जिले में औसतन 77 एमएम बारिश हुई। सबसे ज्यादा 130 एमएम बारिश उपमंडल बिलासपुर व सबसे कम 43 एमएम प्रतापनगर में हुई। बारिश की वजह से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया, जिससे लोगों को परेशानी हुई। जगाधरी-बिलासपुर स्टेट हाईवे पर वीटा मिल्क प्लांट, पुराना पेट्रोल पंप व कपालमोचन रोड पर दो फुट पानी जमा हो गया।

पहाड़ों व यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही, बारिश से यमुना नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। बुधवार शाम चार बजे यमुना में 4475 क्यूसेक पानी था जो रात एक बजे बढ़कर 6929 क्यूसेक हो गया। हालांकि गुरुवार शाम जलस्तर घट कर 6210 क्यूसेक रह गया। बारिश से बिलासपुर में डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन की करीब 150 फीट लंबी चहारदीवारी गिर गई।
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हरियाणा के रोहतक में मानसून की पहली बारिश में हुडा कॉम्लेक्स के पास सड़कें हुई लबालब। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रदेश में हुई बारिश का आंकड़ा
जगह    सुबह 8.30 से पहले    8:30 से शाम 5:30 बजे तक    कुल
  • चंडीगढ़         14.2                               72.9                87.1
  • अंबाला            0                                  24.0                24
  • हिसार             0                                    0.4                0.4
  • करनाल           0                                  16.0                16.0
  • रोहतक        13.4                              188.2                 201.6
  • भिवानी            -                                  34.0                     -
  • गुरुग्राम        22.0                                12.0                34
  • पंचकूला एडब्ल्यूएस  16.5                      52.0                68.5
  • बापौनी फरीदाबाद    0                            7.5                7.5
  • कौल कैथल           1.0                           29.0                30
  • कुरुक्षेत्र                0.0                           12.0                12
  • सोनीपत               0                               69.0                69
  • बावल रेवाड़ी        32                               8.0                40
  • नारनौल             11.0                                 -                -
  • नूंह                    14.5                             1                15.5
  • महेंद्रगढ़ एडब्लूएस 25                             10                35    
ये आंकड़ा IMD से लिए गए हैं। 
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महम में हुई बारिश। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अच्छी बारिश से किसानों के खिले चेहरे 
मानसून की पहली बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह वरदान साबित होगी। रोहतक के महम में किसानों का कहना है कि मानसून की पहली बारिश से भयंकर गर्मी की चपेट में आई उनकी फसल अब हरी-भरी हो जाएगी। पशुओं को हरा चारा मिल सकेगा।

किसानों ने बताया कि इस बारिश के बाद बाजरा, ज्वार, ग्वार, तिल व मक्का की फसलों की बिजाई की जा सकेगी। इसके अलावा कुछ किसान सब्जियां भी उगा सकेंगे। इस मौसम में घिया, तोरी, करेला व भिंडी खूब होती है। इस मौसम की बारिश को किसान फायदेमंद मानकर चल रहे हैं। जिले के लोगों को मानसून आने का इंतजार था। अभी तक किसान सिंचाई करके धान की रोपाई कर रहे थे। वर्षा से उन्हें विशेष राहत मिली है। किसानों ने बताया कि अब खेतों में खड़ी फसलें जैसे गन्ना, कपास व हरे चारे की फसलें सूख रही थी। नहर आने के बाद भी पूरा पानी नहीं मिल रहा था।

बारिश के बाद पूरी राहत मिली है। महम में सुबह मौसम बदलने लगा था, लेकिन रुक रुक कर थोड़ी बूंदाबांदी हुई। लेकिन दोपहर बाद तेज बारिश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। तहसील कार्यालय में टीआरए के पद पर तैनात सचिन पांचाल ने बताया कि महम में सुबह से शाम पांच बजे तक 21 एमएम के लगभग बारिश हुई। किसानों का कहना है कि यहां पर हमेशा जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून का आगमन होता है। अबकी बार सही समय पर बारिश होने से फसल अच्छी होने की उम्मीद है। 
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सोनीपत में भरा बारिश का पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत में ट्रांसफार्मर गिरा, एएलएम चोटिल 
सोनीपत में मुरथल रोड पर बारिश के चलते एक ट्रांसफार्मर गिर गया, जिससे एएलएम को चोट आई है। वह ट्रांसफार्मर में आए फाल्ट को ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ा था। उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया है। 83 एमएम बारिश से सोनीपत शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। प्रमुख चौक चौराहों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम के जलनिकासी के पुख्ता प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी है।

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रोहतक में पीजीआई में भरा पानी, दूसरी ओर मकान की छत गिरी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड में घुसा बारिश का पानी
पीजीआई में पानी निकासी की व्यवस्था भी चरमरा गई। यहां सीवर बैक होने से इमरजेंसी वार्ड के हालात बिगड़ गए। बारिश व सीवर का पानी भरने से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कर्मचारियों ने करीब पौने घंटे की कड़ी मशक्कत से व्यवस्था दुरुस्त की। शाम को कर्मचारियों ने समस्या के समाधान को लेकर कुलपति से मुलाकात की। बारिश के कारण दो जगह ट्रांसफार्मर में आग लग गई। छोटूराम चौक पर दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया। जनता कॉलोनी में भी ट्रांसफार्मर धू-धू कर जल उठा। 

बारिश से रोहतक में गिरा जर्जर मकान, भाई-बहन घायल
मानसून की पहली बारिश में राहत के साथ आफत भी बरसी। रोहतक, सोनीपत, झज्जर-बहादुरगढ़, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़-नारनौल और जींद में गुरुवार को रुक-रुककर बारिश होती रही। रोहतक के किला मोहल्ले में एक जर्जर मकान भरभराकर गिर गया। इस हादसे में भाई-बहन घायल हो गए। वहीं सोनीपत जिले के गांव खानपुर कलां में बिजली गिरने से चौपाल की सीढ़ियां, एक मकान की चौबारे की दीवार गिर गई। मकान में भी दरारें आ गईं। 
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झज्जर के खेतों में भरा पानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर में शाम चार बजे तक 135 एमएम बारिश दर्ज
झज्जर में गुरुवार की शाम चार बजे तक 135 एमएम बारिश हो चुकी थी, जबकि बारिश का दौर निरंतर जारी है। झज्जर में 135, साल्हावास में 61.5, बेरी में 91, मातनहेल में 89, बहादुरगढ़ में 91, बादली में 89.5 एमएम बारिश हुई। 
वहीं जींद में गुरुवार को औसतन 36 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जींद में 30 एमएम, नरवाना में 42 एमएम, सफीदों में 40 एमएम, उचाना में 30 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 44 एमएम, अलेवा में 32 एमएम, जुलाना में 30 एमएम दर्ज की गई। नारनौल-महेंद्रगढ़ में लगातार दूसरे दिन पांच घंटे तक हल्की बारिश हुई। गुरुवार को अटेली में 49.0 एमएम, कनीना में 12.0  एमएम, महेंद्रगढ़ में 33.8 एमएम, पाली में 25.0 एमएम, नारनौल में 11.0 एमएम, नांगल चौधरी में 4.0 एमएम बारिश हुई।
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