हिसार के नारनौंद जिले के वार्ड नंबर दो के रहने वाले प्यारेलाल के परिवार के लिए मंगल का दिन अमंगलकारी साबित हुआ। प्यारेलाल की अस्थियां विसर्जित कर घर लौट रहे उनके परिवार के 7 सदस्यों की जींद में हादसे में मौत हो गई। प्यारेलाल की पत्नी, एक बेटे, दो पौत्र सहित परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 16 लोग घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे ने नारनौंद कस्बे के लोगों को स्तब्ध कर दिया। हादसे की सूचना के बाद दुकानदारों ने बाजार बंद कर दिया।
दोपहर एक साथ इन शवों को देखकर हर किसी की आंख से आंसू छलक आए। घायलों के अनुसार वह जाते समय हरिद्वार के लिए जींद से पानीपत होते हुए गए थे। आते समय जब वे पानीपत पहुंचे तो कुछ लोगों ने कहा कि यह रास्ता खराब है, इसलिए अब जाते समय करनाल होकर चलेंगे। जब वह करनाल से जींद होते हुए नारनौंद आ रहे थे तो कंडेला के पास यह हादसा हो गया।
बेटे को नींद आने की वजह से पिता ने संभाला था पिकअप का स्टीयरिंग
पिकअप चालक की नींद की झपकी ने सात लोगों की जान ले ली। हरिद्वार से घर के मुखिया की अस्थियां गंगा में विसृजित कर लौट रहे परिवार को ये बहुत भारी पड़ी। हरिद्वार से पिकअप चलाकर ला रहे शेखर को रास्ते में नींद आने की वजह से उसके कहने पर ही शेखर के पिता सुरेश ने पिकअप का स्टीयरिंग संभाला था और कुछ देर बाद ही ये हादसा हो गया।