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जुनैद-नासीर हत्याकांड: पकड़े गए हत्यारोपी, गाड़ी में जलाने से पहले कैसे की थी हत्या, पुलिस के सामने खोले राज

Fri, 14 Apr 2023 06:22 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
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14 फरवरी की रात हुई थी नासिर और जुनैद की हत्या। - फोटो : सोशल मीडिया
राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव घाटमीका के जुनैद और नासीर हत्याकांड में भिवानी के मोनू राणा और गोगी को राजस्थान पुलिस ने पकड़ लिया है। दोनों ही राजस्थान पुलिस के दस-दस हजार के ईनामी उद्घोषित आरोपी थे। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने हत्याकांड की वारदात को कबूला है।

जुनैद की पिटाई की वजह से उसकी मौत फिरोजपुर झिरका में ही हो चुकी थी, जबकि नासीर को आरोपी गाड़ी तक भिवानी जिले के कस्बा लोहारू क्षेत्र के गांव बारवास की बणी में लेकर पहुंचे। जहां उनकी बुलेरो गाड़ी में पैट्रोल छिड़ककर जलाने से पहले नासीर का गला घोंटकर हत्या की गई थी। मोनू राणा और गोगी दोनों ही इस हत्याकांड में शुरूआत से आखिरी तक शामिल रहे। 

भिवानी पुलिस ने मोनू राणा पर दो आपराधिक केस दर्ज होने की पुष्टि की है। जिसमें एक केस 12 दिसंबर 2013 में सिविल लाइन पुलिस थाना में लझ़ाई झगड़ा व जान से मारने की धाराओं के तहत दर्ज हुआ था। जबकि दूसरा केस सदर पुलिस थाना भिवानी में एक अक्तूबर 2014 को लड़ाई झगड़ा का केस दर्ज हुआ था।
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नासिर और जुनैद का फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala Digital
इसके अलावा गोगी के खिलाफ भी लड़ाई झगड़े से मामले जुड़े हैं। फिलहाल उसके खिलाफ किसी थाने में केस दर्ज की पुष्टि नहीं हुई है। मोनू राणा और गोगी दोनों ही भिवानी में गो रक्षा दल की टीम के साथ काफी अर्से से जुड़े थे, मगर वारदात से छह माह पहले ही वे यहां की टीम से दूरी बनाकर मानेसर और गुरुग्राम क्षेत्र में सक्रिय थे। दोनों ही गो रक्षक की भूमिका में आक्रामक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। यही वजह थी कि उन्हें यहां से टीम को छोडऩा पड़ा था। 
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जिंदा जलाने के मामले में पुलिस पर आरोप - फोटो : अमर उजाला
भरतपुर जिले के घाटमीका गांव निवासी नासीर और जुनैद के अपहरण की शिकायत 15 फरवरी को गोपालगढ़ पुलिस थाना में परिजनों ने दी थी। जिसके बाद 16 फरवरी की सुबह लोहारू के गांव बारवास की बणी में जली हुई बुलेरो गाड़ी के अंदर पुलिस को दो कंकाल बरामद हुए थे।

गाड़ी के चेसिस नंबर से ही दोनों शवों की पहचान नासीर और जुनैद के रूप में हुई थी। जिसके बाद दोनों के अपहरण, मारपीट और शवों को जलाने में हत्याकांड का खुलासा हुआ और आठ नामजदों की भूमिका भी उजागर हुई थी। इसी में दो मुख्य आरोपी मोनू राणा और गोगी भिवानी जिले से हैं। जिन्हें अब राजस्थान की भरतपुर पुलिस 10 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी है। 

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मौके पर जली बोलेरो गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
हत्याकांड का सीन रिक्रियेट करने के लिए राजस्थान पुलिस ला सकती है भिवानी
राजस्थान पुलिस हत्याकांड में शामिल दोनों मुख्य आरोपियों को सीन रिक्रियेट करने के लिए गांव बारवास की बणी में लाकर वारदात स्थल का फिर से मुआयना कर सकती है। हालांकि अभी तक लोहारू पुलिस के पास इसकी कोई जानकारी नहीं है। मगर हत्या से जुड़े कई अनसुलझे सवालों को सुलझाने के लिए पुलिस ऐसा कर सकती है। क्योंकि नासीर की हत्या यहां लाने के बाद ही की गई थी। हालांकि हत्याकांड में अभी तक किसी हथियार इस्तेमाल की बात सामने नहीं आई है। क्योंकि दोनों की पिटाई लाठी और लोहे के सरियों से की गई थी। 
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मौके पर जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
वारदात के बाद से ही नहीं हुआ परिजनों व रिश्तेदारों से कोई संपर्क
वारदात के बाद से ही मोनू राणा और गोगी का भिवानी में अपने परिजनों व रिश्तेदारों से कोई संपर्क नहीं हुआ। हालांकि दो माह तक वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे और पांच राज्यों में उनकी सक्रियता इस दौरान बनी रही। जिनमें दिल्ली एनसीआर, यूपी, बिहार, झारखंड, उड़ीसा तक राजस्थान की पुलिस आरोपियों की तलाश में पहुंची। दोनों को झारखंड के देहरादुन सुनसान पहाड़ी इलाके से काबू किया। इस दौरान इन दोनों ने किन-किन लोगों के यहां शरण ली और किन-किन से मदद मांगी उसकी भूमिका को भी राजस्थान पुलिस खंगालने में जुटी है। 
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सुनसान जगह पर खड़ी गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
13 फरवरी की रात को भी की थी रैकी
नूंह क्षेत्र में मोनू राणा और गोगी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर गो तस्करी की गाड़ी पकडऩे के लिए 13 फरवरी की रात को भी रैकी की थी और नाकाबंदी भी की थी। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद फिरोजपुर झिरका के पास 14 फरवरी की रात को फिर से गो तस्करी के शक में नासीर और जुनैद को पकड़ा था। जिनकी लाठी डंडों और सरिया से बेरहमी से पिटाई की गई थी। जिससे जुनैद दम तोड़ चुका था और नासीर की सांसे चल रही थी। इस दौरान उन्होंने पुलिस के हवाले किए जाने की भी कोशिश की, मगर इसके बाद दोनों को लोहारू क्षेत्र की बणी में लाकर उन्हीं की बुलेरो गाड़ी में जलाकर शवों को खुर्द बुर्द करने की कोशिश की गई।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : Amar Ujala Digital
राजस्थान पुलिस ने पहले पांच फिर दस हजार रखा था ईनाम
राजस्थान पुलिस ने हत्याकांड में सभी आठ आरोपियों पर पहले पांच-पांच हजार ईनाम रखा था, लेकिन बाद में दस-दस हजार रुपये के ईनामी उदघोषित आरोपी घोषित किए गए। राजस्थान की पांच स्पेशल टीमें देश के विभिन्न हिस्सों में आरोपियों की तलाश में जुटी थी। अब पुलिस दोनों से पूछताछ में कई अनसुलझे सवालों का जवाब जानकर अन्य आरोपियों को पकडऩे की हर संभव कोशिश में लगी है।

भिवानी पुलिस ने नासीर और जुनैद हत्याकांड में राजस्थान पुलिस को पूरा सहयोग किया है। इन दोनों के यहां पर भी राजस्थान पुलिस ने दबिश दी थी। अब दोनों पकड़े जा चुके हैं। भिवानी में मोनू राणा पर दो आपराधिक केस दर्ज हैं। -लोगेश कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिवानी। 
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