मौके पर जांच करते अधिकारी
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वारदात के बाद से ही नहीं हुआ परिजनों व रिश्तेदारों से कोई संपर्क
वारदात के बाद से ही मोनू राणा और गोगी का भिवानी में अपने परिजनों व रिश्तेदारों से कोई संपर्क नहीं हुआ। हालांकि दो माह तक वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे और पांच राज्यों में उनकी सक्रियता इस दौरान बनी रही। जिनमें दिल्ली एनसीआर, यूपी, बिहार, झारखंड, उड़ीसा तक राजस्थान की पुलिस आरोपियों की तलाश में पहुंची। दोनों को झारखंड के देहरादुन सुनसान पहाड़ी इलाके से काबू किया। इस दौरान इन दोनों ने किन-किन लोगों के यहां शरण ली और किन-किन से मदद मांगी उसकी भूमिका को भी राजस्थान पुलिस खंगालने में जुटी है।