करतबबाज ऊंट हिंद केसरी के ऊपर बकरी सपना का नांच देखते हुए दर्शक।
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गांव लाड निवासी पशुपालक सोमबीर के पास पांच ऊंट, तीन घोड़ी और दो खास बकरी हैं। जिन्हें वो सिर्फ विवाह शादियों में खास नाच के लिए ही लेकर जाता हैं, जिसके उसे एक बार में कम से कम 51 हजार रुपये मिलते हैं। ये डांस भी कोई साधारण डांस नहीं हैं, बल्कि सरकस के करतबबाजों की तरह ही है। ये पशु छह बाइ चार फुट की छोटी सी खाट पर करीब 20 मिनट तक लगातार डांस करते हैं। सोमबीर के पास नागौरी, सांचौरी, बीकानेरी, बाडमेरी, जेसलमेरी नस्ल के ऊंट हैं। उसके पास दो बकरी भी हैं, जिनके नाम सपना और राजबाला हैं। इसी तरह उसकी करतबबाज घोड़ी बिजली, लाली और सोनू हैं। ये सभी एक साथ डांस करती है तो लोग इन्हें एकटक देखते रह जाते हैं। उसका ऊंट हिंद केसरी और तूफान भी खाट पर जब डांस करता है तो तूफान मचा देता है। बाहुबली के चर्चे भी खास है वह जमीन पर लेटता है तो बकरी सपना उसके ऊपर डांस करती है, जिसे देखने वाला भी अपने दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर हो जाता है।
तीन पीढ़ी से करा रहे हैं पशुओं से करतब, भावी पीढ़ी को भी दे रहे ज्ञान
लाड के पशुपालक सोमबीर ने बताया कि उनकी तीन पीढ़ियों से पशुओं से करतब करा रहे हैं। भावी पीढ़ी को भी इसका ज्ञान दे रहे हैं। उनके पशुओं के डांस राजस्थान के उदयपुर, जयपुर, नागौर के फेस्टिवल में भी पसंद किए गए हैं। जबकि पंजाब के मुक्तसर में भी उनकी पशुओं की टोली धूम मचा चुकी है। साल भर में छह महीनें तक शादियों व विशेष समारोह का सीजन रहता है। जिसमें उनके खाट पर पशु डांस के लिए काफी डिमांड रहती है। छह माह में पशुओं के डांस से 25 लाख रुपये तक कमा लेते हैं। ऊंट की डिजाइनदार हेयर कटिंग के लिए भी राजस्थान के केमल फार्म से खास तौर पर कारीगर आते हैं। जो उनकी खूबसूरती को भी निखार देते हैं। कटिंग पर छह माह में पांच से सात हजार रुपये एक ऊंट पर खर्च आता है।