फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जंगल में मिले 259 बम: आर्मी ऑर्डिनेंस टीम ने पुलिस के सहयोग से किया डिफ्यूज, 500 मीटर क्षेत्र को कराया गया खाली

Mon, 07 Mar 2022 02:09 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, शहजादपुर, अंबाला (हरियाणा)

सार

बमों को डिफ्यूज करने के लिए बेगना नदी में तीन गड्ढे बनाये गए और सभी गड्ढों में बमों को बारी-बारी से डिफ्यूज किया गया। इस दौरान 500 मीटर के क्षेत्र को खाली करवा दिया गया था। साथ ही एक किलोमीटर की दूरी पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तैनात की गई थी। 
विज्ञापन
1 of 5
गांव मंगलौर के साथ लगती बेगना नदी व वन विभाग के जंगल से मिले 259 आर्टीलरी सैल(पुराने बम)। बम डिफ्यूज के दौरान धमाके के दौरान उड़ती रेत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के अंबाला जिले के शहजादपुर क्षेत्र में 10 दिन पहले गांव मंगलौर के साथ लगती बेगना नदी व वन विभाग के जंगल से मिले 259 बमों को स्थानीय पुलिस के सहयोग से आर्मी आर्डिनेंस कोर टीम ने रविवार को डिफ्यूज कर दिए। बमों को डिफ्यूज करने के लिए बेगना नदी में तीन गड्ढे बनाये गए और सभी गड्ढों में बमों को बारी-बारी से डिफ्यूज किया गया। इस दौरान 500 मीटर के क्षेत्र को खाली करवा दिया गया था। साथ ही एक किलोमीटर की दूरी पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तैनात की गई थी। 

आर्टीलरी सैल (पुराने बम) को डिफ्यूज करने के लिए आर्मी की आर्डिनेंस कोर टीम ने पहले से नदी व जंगल क्षेत्र का जायजा लिया था। इसके बाद आर्मी टीम द्वारा स्थानीय पुलिस को सुरक्षा की दृष्टि से कुछ एहतियात बरतने की सलाह दी गई थी। सारी तैयारियों के बाद बेगना नदी में गड्ढे खुदवाए गए और आसपास के क्षेत्र के लोगों को हिदायतें दी गई।
विज्ञापन

2 of 5
बम डिफ्यूज करने की कार्रवाई में जुटे आर्मी टीम के जवान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सारे इंतजाम पुख्ता होने के बाद रविवार को आर्मी आर्डिनेंस कोर टीम सुबह नौ बजे मौके पर पहुंच गई और बमों को डिफ्यूज करने का कार्य शुरू किया। टीम ने जंगल के साथ लगती नदी में तीन गड्ढे खोदकर सभी 259 पुराने बमों को उसमें रखा और उसके बाद विशेष तरीके से उन्हें करीब एक बजे बारी-बारी से डिफ्यूज किया। पुराने बमों को डिफ्यूज करने के बाद आर्मी आर्डिनेंस कोर टीम ने सभी गड्ढों की जांच भी की। इसके बाद टीम ने सभी बम डिफ्यूज होने की पुष्टि की।
विज्ञापन

3 of 5
बम डिफ्यूज के दौरान धमाके के दौरान उड़ती रेत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बमों को डिफ्यूज करने से पहले लगभग 500 मीटर से भी अधिक के क्षेत्र को खाली करवा दिया गया था। बमों को डिफ्यूज करने के दौरान पुलिस और आर्मी की संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र की निगरानी करते हुए किसी भी व्यक्ति को नदी के नजदीकी क्षेत्र में आने नहीं दिया। इस दौरान नदी से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर फायरब्रिगेड की गाड़ी व आपात स्थिति के लिए एक एंबुलेंस भी खड़ी की गई थी।

4 of 5
बम डिफ्यूज करने के बाद पुलिस व आर्मी की सयुंक्त टीम । - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बता दें कि 25 फरवरी खंड शहजादपुर के गांव मंगलौर के साथ लगती बेगना नदी किनारे जंगल मे लगभग 232 आर्टीलरी सैल (पुराने बम) मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शहजादपुर राजेश कुमार ने बम निरोधक दस्ते के साथ मौका मुआयना किया था। 28 फरवरी को बेगना नदी में 16 आर्टीलरी सैल (पुराने बम) और मिले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बम डिफ्यूज होने के बाद गड्डों की जांच करती टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद भी पुलिस ने सर्च अभियान जारी रखा और फिर 11 पुराने बम मिले। भले ही सभी 259 आर्टीलरी सैल (पुराने बम) डिफ्यूज होने से लोगों को राहत मिली है, लेकिन बमों का यह जखीरा कहां से आया, इसे लेकर तरह-तरह की चरचा की जा रही है।
 
इस संबंध में थाना प्रभारी शहजादपुर राजेश कुमार ने बताया कि सभी 259 पुराने बमों को आर्मी ऑर्डिनेंस कोर टीम द्वारा डिफ्यूज कर दिया गया है। साथ ही आगे की जांच जारी है कि आखिर यह पुराने बम यहां कैसे पहुंचे हैं।
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें