गोरखपुर शहर के कई इलाके अब भी जलमग्न हैं। शुक्रवार को भी पांच लोगों को रेस्क्यू किया गया। दो दिनों में एनडीआरएफ की टीम शहर के विभिन्न इलाकों से 37 लोगों को रेस्क्यू कर चुकी है। वहीं, शहर के कई इलाकों के लोग अब भी जलभराव से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि अब भी कई इलाकों में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल है। कई लोग पलायन कर स्वजनों या रैन बसेरों में रह रहे हैं।
बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश की वजह से शुक्रवार को भी गोड़धोईया नाले के किनारे बसे बिछिया, कौवाबाग, धर्मपुर इलाके में कई घर पानी में डूब गए हैं। भूतल में पानी भरने की वजह से गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी एनडीआरएफ टीम का रेस्क्यू अभियान जारी रहा। कौवाबाग पुलिस चौकी के पीछे मैत्रीपुरम कॉलोनी से पांच लोगों को रेस्क्यू किया गया। शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन की ओर से सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर डीपी चंद्रा के नेतृत्व में टीम शुक्रवार को मैत्रीपुरम इलाके में पहुंची।
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गोरखपुर में जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला।
घर में चार से पांच फीट पानी भरा हुआ था। टीम ने परिजनों को जरूरत के मुताबिक मदद की और पांच लोगों को रेस्क्यू किया। वहीं गुरुवार आधी रात को एनडीआरएफ की टीम ने बिछिया इलाके से 18 लोगों को रेस्क्यू किया। गुरुवार की रात के 7 बजे से 11 बजे तक वार्ड संख्या 37 धर्मपुर कॉलोनी में दो नावों से महिलाओं बच्चों व पुरुषों सहित कुल 14 लोगों को रेस्क्यू किया गया।
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गोरखपुर में जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला।
रात 11 बजे बिछिया कॉलोनी के पास से चार महिलाओं, सात बच्चों, दो पुरुष, व 3 माह के 1 छोटे बच्चे सहित कुल 14 लोगों को रेस्क्यू किया गया। शुक्रवार को मैत्रीपुरम कॉलोनी से नगर निगम के अवर अभियंता की मौजूदगी में पांच लोगों को उनके घरों में पानी प्रवेश करने के कारण रेस्क्यू किया गया। घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें वार्ड में बने रैन बसेरों में रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई।
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गोरखपुर में जलभराव।
- फोटो : अमर उजाला।
रैन बसेरों को किया गया तैयार
शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव और लोगों के रेस्क्यू करने की स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने शहर के रैन बसेरों को तैयार रखने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को नगर आयुक्त ने सभी वार्डों के जोनल अधिकारियों व वार्ड सुपरवाइजर को अपने-अपने वार्डों में आने वाले रैन-बसेरों को तत्काल खुलवाकर उसकी साफ-सफाई करवाने का निर्देेश दिया।
नगर आयुक्त ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति अथवा परिवार जलभराव से प्रभावित हो तो तत्काल ही रैन बसेरों में उनके रहने व खाने-पीने की उचित व्यवस्था करें। साथ ही साथ यह भी सुनिश्चित करें कि जलभराव प्रभावित स्थल पर जल निकासी के लिए लगाए गए पंप लगातार चलते रहें।