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गोरखपुर में खूब बरसा पानी: शहर के जलभराव में अधिकारियों के दावे डूबे, तस्वीरों में देखें पूरा हाल

Thu, 30 Jun 2022 04:55 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।
मानसून की पहली ही बारिश में शहर के अधिकतर इलाकों में पानी भर गया। इस जलभराव में जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों के जलनिकासी के दावे भी डूब गए। शहर के अधिकतर इलाकों में एक से दो फीट तक पानी लग गया। कुछ इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। सर्वाधिक दिक्कत अधूरे नालों की वजह से हुई।

मेडिकल कॉलेज रोड से सटी कॉलोनियों में बड़ी आबादी जलभराव के कारण घरों में कैद रही। देर रात तक इन इलाकों से पानी नहीं निकल पाया। कुछ इलाके ऐसे भी रहे जहां पिछली साल की तुलना में इस बार तेजी से पानी निकल गया। संसाधनों के अभाव के संबंध में पार्षदों में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ आक्रोश दिखाई पड़ा। कोई समय से संपवेल नहीं चलने से व्यवस्था को कोसता रहा, तो कोई पंपों में डीजल नहीं होने से नाराज था।
 
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Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।
सिंघड़िया से तुर्रा तक नाला बन जाने से देवरिया रोड पर पानी नहीं लगा। आसपास के इलाकों से भी पानी तेजी से निकल गया। दो-चार मोहल्ले ही ऐसे रहे जहां बारिश बंद होने के बाद जलभराव की स्थिति रही। पीडब्ल्यूडी के आधे-अधूरे मानक विहीन नाले के चलते असुरन से मेडिकल रोड के मोहल्लों की हालत सबसे खराब दिखी। खजांची चौराहे पर पुलिया निर्माण में देरी से स्थिति ज्यादा बिगड़ी। शक्तिनगर के पार्षद आलोक सिंह विशेन का कहना है कि ‘खजांची पर बन रही पुलिया पर पानी का बहाव थम रहा है। ह्यूम पाइप की क्षमता दर्जन भर मोहल्लों का पानी खींचने की नहीं है। असुरन से लेकर खजांची और स्पोर्ट्स कॉलेज रोड पर पानी लगा हुआ है।’


 
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Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।
वहीं, देवरिया रोड पर स्थिति नहीं बिगड़ी, लेकिन यहां नगर निगम का संपवेल काफी समय तक नहीं चालू हो सका। इससे प्रेमनगर, वसुंधरा, कृष्णानगर आदि मोहल्लों में जलभराव होने लगा है। पूर्व पार्षद हीरालाल यादव का कहना है कि ‘अभी स्थिति ठीक है, लेकिन संपवेल चालू करने के बाद ही मोहल्लों से पानी निकलेगा।

वहीं, नगर निगम के पंप में डीजल नहीं होने से पार्षदों में गुस्सा दिखाई दिया। भेड़ियागढ़ पार्षद अजय यादव का कहना है कि संपवेल नहीं चल रहा है। पंप में डीजल नहीं है। नगर निगम के अधिकारियों का फोन नहीं उठ रहा है। बेतियाहाता के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने समय रहते जलभराव से निपटने का ठोस प्रयास नहीं किया। उन्होंने शहर में जलभराव का एक वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ट्वीट किया है।

 उधर, धर्मशाला, रेती रोड, साहबगंज, बिछिया आदि इलाकों में भारी जलभराव से लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया। लोग सामान बचाने में जुटे दिखे। गीता प्रेस में भी पानी घुस गया। गोलघर, बेतियाहाता, जफर कॉलोनी, दाउदपुर, रुस्तमपुर में पानी लगा मगर दोपहर बाद निकल गया।

 

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Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।
पादरी बाजार, शाहपुर की कई कॉलोनियों की सड़कें जलमग्न
पादरी बाजार क्षेत्र की 10 से अधिक कॉलोनियों की सड़कें जलमग्न हो गईं। देर शाम तक सड़क पर डेढ़ से दो फीट तक पानी लगा रहा। वहीं, शाहपुर क्षेत्र के कई मोहल्ले तालाब में तब्दील हो गए। घरों तक पानी पहुंच गया। आवास विकास कॉलोनी के ब्लॉक ए, बी, मेसिडोज कंपाउंड, सप्लाई ऑफिस, राप्ती कांप्लेक्स, घोसीपुरवा, पिपराइच रोड पर पानी ओवरफ्लो करने लगा। पादरी बाजार क्षेत्र के सरस्वतीपुरम, ओंकारनगर, विश्वनाथपुरम, शिवपुर साहबाजगंज आदि मोहल्लों में पानी लग गया। शाहपुर पार्षद चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू होने के पहले ही जलभराव की शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से की गई थी। मगर जरूरी कार्रवाई नहीं की गई।
 
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Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।
डीएम आवास से 50 मीटर दूर सड़क पर लबालब पानी
डीएम कृष्णा करूणेश के सरकारी आवास से 50 मीटर दूर स्थित सड़क पर लबालब पानी भरा रहा, जो देरशाम तक नहीं निकल सका। इसी सड़क पर एचपी, आरपीएम एकेडमी और पिलर्स स्कूल हैं। लिहाजा, विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। छोटे बच्चे को गोद में लेकर अभिभावक स्कूल परिसर में दाखिल हो सके। घुटने तक पानी से होकर जाना और आना पड़ा। नाले का पानी उफनाकर सड़क पर आ गया। इससे आसपास की नालियां चोक हो गईं। बताया जा रहा है कि स्कूलों के आसपास की नालियों की सफाई लंबे समय से नहीं हुई है। इसलिए पॉलीथिन व अन्य कूड़ा नालियों में भर गया।  पिलर्स स्कूल परिसर में बारिश का पानी घुस गया। ईंटें रखी गईं, तब जाकर शिक्षक व कर्मचारी स्कूल परिसर में दाखिल हो सके।

 
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Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।
सीईओ ने गीडा क्षेत्र का किया निरीक्षण
उद्यमियों की शिकायत पर गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने जलभराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण कर जल्द जल निकासी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इस दौरान लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष दीपक ने अधिकारियों को क्षेत्र की समस्या के बारे में बताया।  

सक्रिय दिखे नगर आयुक्त
जलभराव की शिकायतों को देखते हुए नगर आयुक्त अविनाश सिंह, मातहतों के साथ प्रभावित इलाकों में निरीक्षण करते दिखे। शास्त्री चौक से जिला अस्पताल के बीच जलभराव की स्थिति को देख उन्होंने गैंग लगाकर सफाई कराई। इसी तरह अपनी मौजूदगी में हार्बर्ट बंधे पर पंप से पानी की निकासी कराई। सूरजकुंड में जलभराव को देखते हुए नाला सफाई का निर्देश दिया।

नगर आयुक्त अविनाश सिह ने कहा कि 110 मिमी से अधिक बारिश के बाद भी बिना पंप के हर जगह से पानी निकल गया है। कंट्रोल रूम को एक्टिव कर दिया गया। सारे जोनल अधिकारी फील्ड में सक्रिय हैं। लोक निर्माण विभाग की सहायता के लिए एचएन सिंह चौराहे के पास पंप लगा दिया गया है।
 
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Gorakhpur Monsoon - फोटो : अमर उजाला।

नाले को मिट्टी से पाटने पर एफआईआर

बशरातपुर एल्युमीनियम फैक्ट्री के पास स्थित नाले को मिट्टी से पाट देने पर नगर निगम के एक्सईएन की तहरीर पर यशवंत पाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।

जलभराव व रिसाव की सूचना यहां दें

जलभराव संबंधी शिकायत के लिए नगर निगम द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम :  05512342621
तटबंधो में रिसाव व अन्य आपदा के लिए जिला आपदा कंट्रोल रूम :  9454416252, 9555786115
नदी एवं तटबंध के संबंध में : 0551 2204007

कंट्रोल रूम में पहुंची जलभराव की 39 शिकायतें

जलभराव को लेकर नगर निगम के कंट्रोल रूम में बुधवार की रात आठ बजे तक 39 शिकायतें पहुंची। इनमें ज्यादातर शिकायतें मेडिकल कॉलेज रोड और नंदानगर क्षेत्र से जुड़ी रहीं। किसी ने मोहल्ले में जलभराव की शिकायत की तो किसी ने नाले से पानी नहीं निकलने की। निगम प्रशासन के मुताबिक सभी शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया गया।
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