कोरोना कर्फ्यू के बीच हरी सब्जियों के दाम अर्श से फर्श पर आ गए हैं। इन दिनों मंडी में हरी सब्जियों की आवक जरूरत से ज्यादा हो गई है। लोकल सब्जियों की आवक अधिक होने से वही जिले के लिए पर्याप्त साबित हो रही है। व्यापारी सिर्फ उन्हीं सब्जियों को बाहर से मंगा रहे हैं जिनकी पैदावार यहां नहीं होती है। ऐसे में एक सप्ताह के भीतर सब्जियों के दाम में दोगुने की गिरावट आ गई है।
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सब्जी खरीदते लोग
- फोटो : अमर उजाला
कर्फ्यू की शुरुआत में हरी सब्जियों के लिए लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। सब्जियों की आवक भी कम थी, लेकिन समय के साथ मंडी में सब्जियों की मांग में कमी आती गई। इधर लोकल सब्जियों की आवक भी अधिक हो गई। ऐसे में उनके दाम में भी गिरावट आ गई।
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सब्जी की दुकान
- फोटो : अमर उजाला
जो नेनुआ एक सप्ताह पूर्व 50 रुपये किलो बिक रहा था वह अब 10-20 रुपये किलो मिल रहा है। ऐसी ही गिरावट परवल, भिंडी, करेला, बैंगन, सतपुतिया, कटहल, टमाटर आदि की कीमतों में आई है।
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सस्ती हुई सब्जी
- फोटो : अमर उजाला
व्यापारियों को हो रहा है नुकासान
महेवा मंडी के व्यापारी हाजी रमजान मेकरानी ने बताया कि इन दिनों मंडी में लोकल सब्जी पर्याप्त मात्रा में आ रही है। होटल व रेस्टोरेंट बंद हैं। वहीं कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में शादी समारोह भी सादगी से आयोजित हो रहे हैं। ऐसे में आवक अधिक और मांग कम होने के कारण सब्जियों को कम दामों पर बेचना पड़ रहा है। वहीं गर्मी के कारण सब्जियां खराब भी हो रही हैं। इससे व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।