वैष्णो देवी मंदिर में हुए हादसे में गोरखपुर जिले के चौरीचौरा इलाके के रामपुर बुजुर्ग गांव के पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश सिंह के एकलौते बेटे डॉ. अरुण प्रताप सिंह (31) की भी मौत हो गई। जेल बाईपास रोड स्थित हिंद हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अरुण अपनी पत्नी डॉ. अर्चना और दोस्तों के परिवार के साथ, देवी दर्शन करने गए थे। एक महीने पहले ही एक दिसंबर को उनकी शादी हुई थी।
एक महीने में ही डॉ. अरुण प्रताप सिंह की पत्नी डॉ. अर्चना की मांग का सिंदूर उजड़ गया। देवी दर्शन कर जिंदगी को खुशहाल बनाने की कामना करने गए, अरुण के साथ ऐसा होगा, किसी ने नहीं सोचा था। वहीं, दोस्तों ने परिवार के लोगों को बताया है कि डॉ. अर्चना पति की मौत के बारे में सोच कर बदहवास हो जा रही हैं। उनका कहना है कि अभी तो मेरे हाथों से शादी की मेहंदी का रंग भी नहीं छूटा था और माता रानी ने मेरा सुहाग ही छीन लिया। आखिर मैंने ऐसा क्या पाप किया है? वैष्णो माता ने मेरे साथ ऐसा क्यों किया? डॉ. अर्चना के इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था। वहीं उनका बिलखना देख हर किसी की आंखें भर आईं।