उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोनारोधी वैक्सीन लगाए जाने की रफ्तार यही रही तो निर्धारित आयु वर्ग से सभी को टीका लगाए जाने में करीब डेढ़ से दो साल लग जाएंगे। बता दें, जिले में करीब 22 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जानी है। लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी साढ़े चार महीने में अब तक चार लाख 84 हजार लोगों का टीकाकरण हो सका है। इसमें भी महज 75 हजार लोग ऐसे हैं, जिन्हें दोनों डोज लगी है। वहीं 18 से 44 वर्ष के 77 हजार लोगों को ही टीका लग सका है।
जिले में कोरोनाधी टीका लगाए जाने की शुरूआत 16 जनवरी को हुई। पहले चरण में फ्रंट लाइन वर्कर, दूसरे चरण में 60 वर्ष से ऊपर, तीसरे चरण में 45 वर्ष के ऊपर और चौथे चरण में 18 से 44 वर्ष के युवाओं को टीका लगाए जाने की शुरुआत हुई। शुरुआती दिनों में कोविशील्ड और कोवैक्सीन के दोनों डोज में केवल एक माह का अंतर था। लेकिन बाद में कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरे डोज के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने 84 दिन का समय कर दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
किसी दिन नहीं हासिल हो सका लक्ष्य
जिले में प्रतिदिन 10 हजार युवाओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन अब तक किसी दिन भी यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका है। औसतन देखा जाए तो पिछले 10 दिनों में आठ हजार से 8500 युवाओं को ही एक दिन में टीका लगाया जा सका है।
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covid 19 vaccine
- फोटो : PTI
पहले किल्लत अब सुधरी स्थिति
जिले में करीब एक पखवाड़े पूर्व वैक्सीन की किल्लत थी। लेकिन मौजूदा समय में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। इस वक्त जिले में 52 हजार डोज कोविशील्ड के और करीब नौ हजार डोज कोवैक्सीन के हैं।
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कोरोना टीकाकरण
- फोटो : पीटीआई
एक जून से युवा किसी भी बूथ पर लगवा सकेंगे टीका
स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी गाइडलाइन के बाद एक जून से युवा किसी भी बूथ पर कोविड का टीका लगवा सकेंगे। इसके लिए उन्हें पहले से स्लॉट बुकिंग कराने की जरूरत नहीं होगी। युवा बूथ पर ही जाकर तत्काल रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। युवा टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। लेकिन 44 वर्ष से ऊपर के लोग थोड़ी लापरवाही बरत रहे हैं। जबकि कोरोना से बचाव का सबसे बेहतर साधन टीकाकरण ही है। सभी लोग टीका जरूर लगवाएं।