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गोरखपुर में तितलियों के लिए प्रदेश का पहला इंडोर पार्क बनकर तैयार, देखें तस्वीरें

Wed, 09 Dec 2020 01:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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Gorakhpur zoo - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणी उद्यान में प्रदेश का पहला इंडोर तितली पार्क बनकर तैयार हो गया है। एक हजार वर्गमीटर में फैले इस इंडोर पार्क में 40 प्रकार की प्रजातियों की तितलियां रखी जाएंगी, जिनमें से कई दुर्लभ होंगी। तितलियों की देखभाल के लिए बीट कीपर की जगह वैज्ञानिक की नियुक्ति की जाएगी।
 
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Gorakhpur zoo - फोटो : अमर उजाला।
चिड़ियाघर में तितलियों के संरक्षण के साथ ही उनके प्रजनन का भी ख्याल रखा जाएगा। इंडोर पार्क में हरियाली और तितलियों के उपयोग में आने वाले तमाम तरह के पेड़ लगाए गए हैं। इंडोर पार्क होने से तितलियों को वायु प्रदूषण या मौसम की मार नहीं झेलनी पड़ेगी। चिड़ियाघर में लार्वा और प्यूपा के माध्यम से तितलियों के प्रजनन पर खास ध्यान दिया जाएगा। पार्क का तापमान तितलियों के अनुकूल बना रहे इसका विशेष ध्यान रखा गया है।

 
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Gorakhpur zoo - फोटो : अमर उजाला।
तितलियों के लिए न्यूनतम तापमान 25 और अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि तितलियों की आयु 12 से 15 दिन की होती है, लेकिन अंधाधुंध कीटनाशकों के प्रयोग की वजह से तितलियों की संख्या घटती जा रही है। तितलियां विलुप्त न हो जाएं इसलिए इनके संरक्षण की जरूरत है। इस लिहाज से इंडोर पार्क को तैयार किया गया, ताकि तितलियां को संरक्षित किया जा सके। अभी तक तितलियों के लिए जितने भी पार्क बने हैं वे ओपन (खुला) हैं, जहां होस्ट स्पीशीज तितलियां ही आती हैं। यह प्रदेश का पहला इंडोर पार्क है, जिसमें तितलियों को संरक्षित किया जाएगा।

 

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Gorakhpur Zoo - फोटो : अमर उजाला।
इन तितलियों को रखे जाने की तैयारी
चिड़ियाघर के इंडोर पार्क में सामान्य प्रजातियों की तितलियों के साथ ग्रेप फाउंट, येलो ऑरेंज टिप, कॉमन वेंडर, ब्लू मोरमोन, स्पॉट स्वार्डटेल जैसी दुर्लभ प्रजाति की तितलियां होंगी। परिसर के अंदर ही इनके भोजन के लिए विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे।

123 एकड़ में फैला है प्राणी उद्यान
शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणी उद्यान 123 एकड़ में बनाया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए 282 करोड़ रुपये की शासन ने स्वीकृति दी थी। परिसर में 34 एकड़ का वेटलैंड है। प्रदेश में इतने बड़े क्षेत्रफल वाला यह पहला चिड़ियाघर होगा। देश भर से कुल 220 जानवर यहां लाए जा रहे हैं। कानपुर और लखनऊ के चिड़ियाघर से विभिन्न प्रजातियों के 72 जानवर लाए जाएंगे। विनोद वन के जानवर भी इसी में समाहित किए जाएंगे।
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सफेद शेर - फोटो : Pixabay
2750 वर्गमीटर में बना है शेर का बाड़ा
चिड़ियाघर में बब्बर शेर के लिए 2750 वर्गमीटर में बाड़ा बनाया गया है। इसमें एक मेल और दो फीमेल बब्बर शेर रखे जाएंगे। इन्हें गुजरात से लाकर लायन सफारी इटावा में रखा गया है।

बब्बर शेर के बाड़े के सामने होगा हिरण का बाड़ा
चिड़ियाघर में 16 हिरण रखे जाएंगे। इन्हें बब्बर शेर के सामने बनाए गए बाड़ों में रखा जाएगा। इनके बीच में छह फीट का माउंट बनाया गया है। इससे दोनों एक दूसरे को आमने सामने से नहीं देख सकेंगे। हिरण के लिए छह झोपड़ियां बनाई गईं हैं। बारिश या धूप में इन्हें झोपड़ियों के नीचे ही शरण मिलेगी।

 
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gorakhpur zoo - फोटो : अमर उजाला।
दिल्ली चिड़ियाघर से लाए जाएंगे 19 जानवर
दिल्ली के नेशनल जियोलॉजिकल पार्क से 19 जानवर लाए जाएंगे। इनमें दो लोमड़ी, तीन दरयाई घोड़ा (हिप्पोपोटामस), दो आकर्षक पक्षी पीजेंट कलिज, दो बोनट बंदर और 10 हिरण, सांभर शामिल हैं। सभी जानवरों को गोरखपुर लाने की अनुमति मिल गई है।

लखनऊ चिड़ियाघर से आएगा रायल बंगाल टाइगर
रायल बंगाल टाइगर लखनऊ चिड़ियाघर से मंगाया जाएगा। साथ ही तेंदुआ, गेंडा, भालू, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, घड़ियाल, फिशिंग कैट और भेड़िया को भी रखा जाएगा।
 
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Gorakhpur Zoo - फोटो : अमर उजाला
10 बाड़ों में रखे जाएंगे विभिन्न प्रजाति के सांप
चिड़ियाघर के अंदर सांपों के लिए 10 बाड़े बनाए गए हैं। इसमें नौ अलग-अलग प्रजाति के सांपों को रखा जाएगा। इनमें चार किंग कोबरा, छह चेक कीलबैक, छह कोबरा समेत अन्य प्रजाति के सांप रखे जाएंगे।

उड़कर शिकार करने वाली मछली भी देख सकेंगे लोग
चिड़ियाघर में उड़कर शिकार करने वाली मछली भी लोग देख सकेंगे। नपभक्षी एलीगेटर गार से लेकर अफ्रीका के मलावी चेक की चिकलेट के साथ अमेरिकन रेड टेल शार्क भी देख सकेंगे। इन्हें रखने के लिए चिड़ियाघर में टैंक बनाया गया है। शीशे के टैंक में इन्हें रखा जाएगा। इसके अंदर देशी-विदेशी 70 प्रजातियों की कुल पांच हजार मछलियां रखे जाने की तैयारी है।
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