फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exclusive: मांसपेशियों में दर्द और पाचन तंत्र है खराब, ये भी हैं कोरोना के लक्षण

Wed, 09 Dec 2020 11:09 AM IST
vivek shukla नीरज मिश्रा, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना वायरस। - फोटो : रवि बत्रा
कोरोना संक्रमण के लक्षणों की गुत्थी नहीं सुलझ सकी है। तेज बुखार, सूखी खांसी, शरीर में दर्द, गले में खराश के साथ दर्द जैसे लक्षण तो आम हैं, लेकिन अब मांसपेशियों में दर्द और पाचन तंत्र खराब होना भी कोरोना संक्रमण का लक्षण माना जा रहा है। इन लक्षणों के मरीज जिले में मिल चुके हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : pixabay
गोरखपुर जिला अस्पताल के डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना के 20 प्रतिशत मरीजों में पेट संबंधी बीमारियां मिल चुकी हैं। ऐसे मरीजों को दस्त होने के साथ ही लिवर में भी समस्या थी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ. गगन गुप्ता ने बताया कि मांसपेशियों में दर्द और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी मरीजों को हुई हैं। मांसपेशियों में दर्द वाले मरीजों में कोरोना का संक्रमण पाया गया है। ऐसे मरीजों की संख्या करीब 10 से 15 प्रतिशत रही है। चिकित्सक सलाह देते हैं कि यदि इस तरह के लक्षण किसी में दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बता दें कि जिले में अब तक जिन 325 कोरोना मरीजों की मौत हुई है, उनमें से 10 से 15 प्रतिशत मरीजों को पेट संबंधी बीमारियां भी थीं।

 
विज्ञापन

3 of 5
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
विशेषज्ञ भी हैरान, सावधानी बरतने की दे रहे सलाह
जिले में अब तक 20, 295 मरीज मिल चुके हैं। खास बात यह है कि इनमें हर तरह के लक्षण वाले मरीज मिले हैं। इनमें स्वाद और गंध का पता न चल पाना, आंखों की रेटिना लाल हो जाना, कम दिखाई देना, पाचन संबंधी बीमारियां, कम सुनाई देना, न्यूरोलॉजिकल की समस्या जैसे लक्षण शामिल हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि कोरोना के लक्षण कई हो गए हैं। इसके लक्षण बता पाना संभव ही नहीं है। देश से लेकर विदेश तक में लोगों में अलग-अलग लक्षण मिल रहे हैं। ऐसे में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

 

4 of 5
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Pixabay
म्यूटेशन भी हो सकता है बड़ा कारण
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि अब तक जिले की रिकवरी दर अच्छी रही है। ठीक होने वालों की इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बढ़िया मिली है। वायरस में म्यूटेशन भी हुआ है। लोगों में टी सेल रिस्पांस होना भी बदला लक्षण हो सकता है। आंतों में सूक्ष्म जीवों की बहुलता के साथ कोरोना का कम आक्रामक होना भी बड़ा कारण हो सकता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Pixabay
हर्ड इम्युनिटी भी मिल चुकी है
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि जिले में हर्ड इम्युनिटी भी मिल चुकी है। मलिन बस्तियों के जिन 155 लोगों के नमूने लिए गए थे, उनमें एक में भी संक्रमण नहीं मिला है। जबकि इनमें 16 साल से लेकर दो साल तक के बच्चे शामिल रहे हैं। इन लोगों ने संक्रमण से बचने के कोई भी तरीके नहीं अपनाए हैं। इसके बाद भी संक्रमण नहीं हुआ। इनके टी सेल रिस्पांस बेहतर रहे होंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें