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एक्सक्लूसिव: जुगाड़ लगाकर भी चुनाव की ड्यूटी से नहीं बच सकेंगे सरकारी कर्मचारी, जानिए क्या है बड़ी वजह

Wed, 24 Feb 2021 11:53 AM IST
vivek shukla अरुण चंद, गोरखपुर।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
पंचायत चुनाव में इस बार पुरुष हो या महिला, सभी सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करनी पड़ सकती है। समय कम मिलने की वजह से इस बार 'एक जिला-एक बार' की तर्ज पर चुनाव होगा। यानी जिले में एक ही चरण में चुनाव संपन्न होगा। इससे ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत होगी। ऐसे में रसूख और जुगाड़ लगाकर भी सरकारी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से नहीं बच सकेंगे।
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मतदान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
निर्वाचन कार्यालय (पंचायत) के मुताबिक विभागों से महिला और पुरुष सभी कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। एक ही चरण में गोरखपुर जिले के सभी 20 ब्लॉकों में चुनाव होने की वजह से ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। इसके पहले चार चरणों में चुनाव होते थे। इससे महिला कर्मचारियों की ड्यूटी बहुत कम लगती थी। लगती भी तो नजदीक के ब्लाकों में, ताकि उन्हें असुविधा न हो। वहीं, पुरुष कर्मचारियों की दो चरणों में ड्यूटी लगाई जाती थी। यानी जिन कर्मचारियों की पहले चरण के चुनाव में ड्यूटी लगती थी उन्हें तीसरे चरण जबकि दूसरे चरण में जिनकी ड्यूटी लगती थी उनकी चौथे चरण के चुनाव में भी ड्यूटी लगाई जाती थी। मगर इस बार ऐसा भी नहीं हो पाएगा। जरूरी सेवाओं वाले विभागों को छोड़ सभी विभाग के कर्मचारियों को ड्यूटी करनी पड़ेगी। महिला कर्मचारियों को भी दूर के ब्लॉकों में चुनाव कराने जाना पड़ सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : PTI
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बरेली, अलीगढ़, सहारनपुर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, चित्रकूट, मेरठ और मुरादाबाद मंडल में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के दौरान यह साफ कर दिया कि इस बार एक जनपद-एक बार की तर्ज पर ही चुनाव होंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी जिले में कर्मचारी कम पड़ते हैं तो मंडल के दूसरे जिलों से कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए। बुधवार यानी आज गोरखपुर मंडल की भी बैठक है। 

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पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला।
हर बूथ पर लगेंगे पांच कर्मचारी
जिले में कुल 4657 बूथ हैं। प्रत्येक पर पांच कर्मचारी लगाए जाएंगे। जबकि 10 फीसदी कर्मचारी रिजर्व में रखे जाएंगे। इस तरह मतदान कराने में 25 हजार से अधिक कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। हालांकि अब तक 30 हजार कर्मचारियों के नामों की फीडिंग हो चुकी है। यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि पोलिंग पार्टी में पांच की जगह चार कर्मचारी करने का भी आयोग निर्णय कर सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई निर्देश नहीं जारी किया गया है लिहाजा जिले स्तर पर हर बूथ पर पांच कर्मचारी के हिसाब से ही व्यवस्था की जा रही है। 
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पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला।
कमेटी की जांच के बाद ही कट सकेगी ड्यूटी, नहीं लगेगा जुगाड़
इस बार ड्यूटी कटवाने में जुगाड़ काम नहीं आएगा। सभी को ड्यूटी करनी पड़ेगी। जो कर्मचारी वास्तव में बीमार होंगे और ड्यूटी में असमर्थ होंगे, उन्हें ही राहत मिलेगी। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें एक मजिस्ट्रेट भी नामित किए जाएंगे। बीमार कर्मचारियों की तरफ से ड्यूटी कटवाने के लिए जो आवेदन दिए जाएंगे उन्हें इस कमेटी को भेजा जाएगा। कमेटी के परीक्षण के बाद जो वास्तव में बीमार मिलेंगे, उन्हीं की ड्यूटी काटी जाएगी।
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सीडीओ इंद्रजीत सिंह।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि अभी तक जो प्रस्तावित है उसके मुताबिक जिले में एक ही चरण में चुनाव होना है। ऐसे में सभी कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। महिला कर्मचारी भी लगाई जाएंगी। आज राज्य निर्वाचन आयुक्त की वीडियो कांफ्रेंसिंग हैं, बहुत कुछ इसमें स्पष्ट हो जाएगा।
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