डॉ अबिषो का शव 11 जुलाई को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के कमरे (25-जी) में मिला था। 12 जुलाई को उनके भाई अभिनव और ससुर साल्वे राज गोरखपुर पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद 13 जुलाई को उनका पार्थिव शरीर केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित घर पहुंचा, जहां उनकी अंतिम संस्कार हुआ। 14 जुलाई को सुबह सुबह सात पत्नी डॉ. निमिषा ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
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डॉक्टर ने पत्नी को भेजी थी सेल्फी
- फोटो : अमर उजाला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात जेआर डॉ. अबीशो की संदिग्ध मौत को लेकर मेडिकल कॉलेज में अभी भी चर्चा हो रही है। इस घटना के बाद सोमवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में उनकी पत्नी डॉ. निमिषा ने एक बेटी को जन्म दिया। यह ऐसा क्षण था, जब एक ओर घर में मातम पसरा था, तो दूसरी ओर बच्ची की किलकारी ने जीवन की उम्मीदें फिर से जगा दीं।
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डॉ व उसकी पत्नी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डॉ. अबिषो की लाश 11 जुलाई को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के कमरे (25-जी) में मिली थी। 12 जुलाई को उनके भाई अभिनव और ससुर साल्वे राज गोरखपुर पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद 13 जुलाई को उनका पार्थिव शरीर केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित घर पहुंचा, जहां उनकी अंतिम क्रिया हुई।
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पत्नी डॉ. निमिषा के साथ डॉॅ. अबिषो डेविड।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
14 जुलाई को सुबह करीब 4 बजे पत्नी डॉ. निमिषा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्हें परिजन श्री एवीटॉम थिरुनल मेडिकल कॉलेज (एसएटी) लेकर गए, जहां सुबह सात बजे उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इस कठिन समय में परिवार की महिलाएं डॉ. निमिषा के साथ थीं। बेटी के जन्म की खुशी के बीच पति के गम ने पूरे माहौल को भावुक बना दिया।
डिलीवरी के दौरान डॉ. निमिषा बार-बार अपने पति अबिषो का नाम लेती रहीं। उन्हें डॉक्टरों ने समझाकर शांत किया। ससुर साल्वे राज ने बताया कि निमिषा और अबिषो दोनों की मेटरनिटी लीव की योजना भी बन चुके थे। तीन महीने तक निमिषा केरल में रहने वाली थीं और उसके बाद तीन महीने गोरखपुर जाने की तैयारी थी।
डॉक्टर के कमरे में मिला इंजेक्शन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर में डॉक्टर अबिषो के करीबी दोस्तों का कहना है कि वह छुट्टी से लौटने के बाद सभी को पार्टी देने की बात कर रहे थे। वह बेहद खुश थे कि वे जल्द ही पिता बनने वाले हैं। पिता बनने की तैयारी भी कर रहा था। इस बीच उनका इस तरह अचानक चले जाना सभी के लिए सदमे जैसा है।