कोरोना वायरस। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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दवा पुरानी, इस्तेमाल पर मिले परिणाम बेहतर
जिले में कोरोना का पहला मरीज 26 अप्रैल को मिला था, लेकिन तब डॉक्टरों के हाथ दवा से खाली थे।जैसे-जैसे मरीज बढ़ते गए, वैसे-वैसे नई तकनीक का इस्तेमाल कर कुछ पुरानी दवाओं पर शोध करके मरीजों को दिया गया। जिसका परिणाम बेहतर मिला। इन दवाओं में बीसीजी का टीका, रेमडेसिविर इंजेक्शन, आइवरमेक्टिन, प्लाज्मा थेरेपी, टॉसलीजुमैब शामिल रहा। यह दवाएं पुरानी थीं, लेकिन इनमें कुछ बदलाव करके बाकायदा डोज तय किए गए। इसके रिस्पांस भी बेहतर मिले हैं। मौजूदा समय में प्लाज्मा थेरेपी मरीजों को दी भी जा रही है।