गोरखपुर शहर को मेट्रोपोलिटन सिटी का दर्जा मिल गया है। सिटी बस सेवा के अलावा मेट्रो लाइन बिछाने की भी योजना है, लेकिन एक भी चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम काम नहीं करता है। शहर के 20 में से केवल नौ चौराहों पर ही ट्रैफिक लाइट लग पाईं हैं। इनमें से भी केवल बेतियाहाता चौराहे की ही सभी ट्रैफिक लाइट ठीक हैं, मगर यहां भी सिस्टम स्वचालित नहीं है।
तकरीबन 15 किलोमीटर की चौहद्दी में बसे गोरखपुर शहर की आबादी 10 लाख से ऊपर पहुंच चुकी है। मंडल का सबसे बड़ा शहर होने के साथ ही पड़ोसी प्रांत बिहार के गोपालगंज व पश्चिमी चंपारण से नजदीकी, पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय, दो विश्वविद्यालयों समेत तमाम अन्य शिक्षण संस्थानों और मेडिकल कॉलेज तथा एम्स की वजह से अगल-बगल के जिलों से भी लोग हर दिन बड़ी संख्या में आते हैं। इसके चलते सभी सड़कों और चौराहों पर सुबह से लेकर रात तक भीड़ लगी रहती है।
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गोरखपुर में ट्रैफिक जाम।
- फोटो : अमर उजाला।
जाम से निजात दिलाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए करीब ढाई साल पहले इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत 50 करोड़ की योजना प्रस्तावित हुई थी। इस धन से शहर के 20 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाने के साथ ही ऑटोमैटिक सिस्टम से जोड़ा जाना था, ताकि यातायात संचालन के साथ-साथ नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो सके। यह योजना अभी तक पूरी तरह से धरातल पर उतर नहीं पाई। अलबत्ता जिन नौ चौराहों पर आईटीएमएस के तहत ट्रैफिक लाइट लगी हैं, वे भी खराब हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
ऑटोमैटिक हो जाएगा वाहनों का ई-चालान
आईटीएमएस पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड होगा, जिससे कूड़ाघाट, मोहद्दीपुर, पैडलेगंज, छात्रसंघ चौराहा, विश्वविद्यालय चौराहा, कचहरी चौराहा, आंबेडकर चौराहा, गणेश चौराहा, यातायात चौराहा पर लगने वाले सीसीटीवी कैमरों की मदद से यातायात व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी। जेब्रा क्रॉसिंग को पार करने वाले वाहनों का ऑटोमेटिक ई-चालान होगा। सीट बेल्ट न लगाने, शराब पीकर वाहन चलाने, तेज गति से गाड़ी चलाने पर वाहन चालक और वाहन की नंबर प्लेट पर फोटो क्लिक होकर स्वत: ई-चालान घर पहुंच जाएगा। इमरजेंसी में यह ट्रैफिक डायवर्जन से लेकर अनाउंसमेंट तक में इस्तेमाल किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों के सामने से निकलने वाले प्रत्येक वाहन को स्कैन कर पूरा डाटा सर्वर में फीड हो जाएगा।
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बेतियाहाता चौराहा व ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा।
- फोटो : अमर उजाला।
चौराहों पर ट्रैफिक लाइट की ऐसी है हालत
ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा
गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर है। इस चौराहे पर लगी सभी ट्रैफिक लाइट खराब हैं। बीच सड़क पर खड़े होकर ट्रैफिक के सिपाही यातायात व्यवस्था संभालते हैं। यहां बराबर जाम लगता है। मोहद्दीपुर से गीडा तक और शहर के भीतर बेतियाहाता और दूसरी तरफ महेवा मोहल्ले के लोग इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं।
बेतियाहाता चौराहा
कैंट क्षेत्र के बेतियाहाता चौराहे पर लगी ट्रैफिक लाइट ठीक हैं, लेकिन ट्रैफिक का संचालन मैन्युअली होता है। यहां शास्त्री चौक, ट्रांसपोर्ट नगर, आजाद नगर और छात्रसंघ तिराहा की तरफ सड़क निकलती है।
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आंबेडकर चौराहा व विश्वविद्यालय चौराहा।
- फोटो : अमर उजाला।
आंबेडकर चौराहा
विकास भवन और दीवानी कचहरी के नजदीक स्थित आंबेडकर चौराहे पर लगी ट्रैफिक लाइट खराब हैं। कई ट्रैफिक लाइट उल्टी पड़ी हैं। इस चौराहे पर छात्रसंघ तिराहा, इंदिरा बाल विहार, शास्त्री चौक और फिराक चौक के लिए सड़क निकलती है।
विश्वविद्यालय चौराहा
शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शुमार विश्वविद्यालय चौराहे पर लगी सभी ट्रैफिक लाइट खराब हैं। इस चौराहे पर कुशीनगर-देवरिया, छात्रसंघ चौराहा, रेलवे व बस स्टेशन तथा विजय चौराहा की तरफ से आने वाली सड़कें मिलती हैं।
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काली मंदिर तिराहा व गणेश चौराहा।
- फोटो : अमर उजाला।
काली मंदिर तिराहा
शहर के हृदय स्थल गोलघर की मुख्य सड़क पर स्थित काली मंदिर तिराहे पर लगी सभी ट्रैफिक लाइट खराब हैं। ट्रैफिक के सिपाही सिस्टम को संभाले हुए हैं। यहां से यातायात तिराहा के अलावा गोरखनाथ मंदिर के लिए सड़क निकलती है। गोलघर की तरफ से यातायात तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन व असुरन चौराहे की तरफ भी सड़क गुजरती है।
गणेश चौराहा
इस चौराहे की भी सभी ट्रैफिक लाइट खराब हैं। गोलघर की मुख्य सड़क पर स्थापित इस चौराहे से एक सड़क विजय चौक और दूसरी विश्वविद्यालय चौराहा की तरफ निकलती है। मुख्य सड़क पर हमेशा जाम लगा रहता है। ट्रैफिक मैनेजमेंट का काम पुलिसकर्मियों के जिम्मे है।
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कचहरी चौराहा व मोहद्दीपुर चौराहा।
- फोटो : अमर उजाला।
कचहरी चौराहा
गोलघर की मुख्य सड़क पर स्थापित कचहरी चौराहे से एक सड़क एमपी इंटर कॉलेज की तरफ और दूसरी नगर निगम, जिला अस्पताल की तरफ जाती है। इस चौराहे पर हमेशा जाम लगा रहता है। यहां लगी ट्रैफिक लाइट खराब पड़ी हैं। पुलिस वालों को यातायात रोकने के लिए बीच सड़क में खड़ा होना पड़ता है।
मोहद्दीपुर चौराहा
शहर का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले मोहद्दीपुर चौराहे पर लगी ट्रैफिक लाइट खराब पड़ी हैं। यह देवरिया-कुशीनगर की मुख्य सड़क को जोड़ता है। एक सड़क पैडलेगंज से होते हुए लखनऊ की तरफ, दूसरी असुरन, मेडिकल कॉलेज, पादरी बाजार के लिए और मुख्य सड़क विश्वविद्यालय, रेलवे व बस स्टेशन की तरफ जाती है।
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यातायात तिराहा।
- फोटो : अमर उजाला।
इन चौराहों पर लगा है आईटीएमएस
कूड़ाघाट तिराहा, अग्रसेन तिराहा, बरगदवां तिराहा, खजांची चौक, पादरीबाजार चौक, छात्रसंघ चौक, शास्त्री चौक, यातायात तिराहा और असुरन चौक।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जा रहा है। काम प्रगति पर है। जल्दी ही कार्य पूर्ण कर इससे ट्रैफिक का संचालन किया जाएगा।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि ट्रैफिक लाइट खराब होने से यातायात संचालन में दिक्कत आ रही है। सभी प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगी है। ट्रैफिक लाइट जलने पर वाहन चालक दूर से सिग्नल देखकर उसी अनुरूप व्यवहार करते हैं। ट्रैफिक लाइट को ठीक कराने के लिए नगर निगम को पहले पत्र भी भेजा जा चुका है।