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Solar eclipse: ग्रहण के दौरान सुनहरे कंगन का रूप लेते हैं सूर्य भगवान, भूलकर भी न करें ये काम

Sun, 21 Jun 2020 08:27 AM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
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solar eclipse - फोटो : अमर उजाला।
21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा। इस बार का सूर्य ग्रहण कंकण आकृति वाला होगा। अर्थात् इस ग्रहण में सूर्य कंगन की आकृति की तरह नजर आएगा। यह प्रकृति में होने वाली दुर्लभ घटना है। ऐसे सूर्य ग्रहण को पूरे विश्व में कहीं कहीं से देखा जा सकता है।
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ग्रहण
इस बार होने वाले वलयाकार सूर्य ग्रहण को कंकण ग्रहण भी कहते हैं। कारण है कि चंद्रमा की ओट में सूर्य का बड़ा हिस्सा ढक जाता है। चारों एक चूड़ी के आकाश का शेष एक प्रतिशत हिस्सा दिखाई देगा।
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solar eclipse
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सूर्य ग्रहण के वक्त चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाने के दौरान सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजर रहा होता है। इस दौरान पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं। जिस वजह से ये घटना होती है। इस खगोलीय घटना को भारत सहित इंडोनेशिया, पाकिस्तान, जापान, अफ्रीका, दक्षिण पूर्वी यूरोप, मध्य पूर्व एशिया, दक्षिणी चीन, इराक, चीन, सउदी अरब, अफगानिस्तान समेत अन्य देखों से देखा जा सकेगा।

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solar eclipse
भूलकर भी नंगी आंखों से सूर्यग्रहण को देखने की न करें कोशिश
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भूलकर भी इस सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखने का प्रयास न करें। नहीं तो आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चले जाने का खतरा बना रहता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण के ज्यादा आंशिक और वलयाकार सूर्य ग्रहण आंखों के लिए खतरनाक होता है। उन्होंने बताया कि सूर्य ग्रहण को देखने के लिए सोलर चश्मा, टेलीस्कोप, पिन होल कैमरा, सूर्यग्रहण प्रोजेक्टेर, सोलर दूरबीन की मदद से देख सकते हैं।
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सूर्यग्रहण - फोटो : सूर्यग्रहण
21 जून को सूर्य ग्रहण का समय

9:15 सुबह आंशिक ग्रहण शुरू
12:10 अधिकतम ग्रहण
3:04 बजे आंशिक ग्रहण समाप्त
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