कुलपति कार्यालय पर मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान सतीश प्रजापति और सत्यम गोस्वामी की हालत बिगड़ गई। दोनों छात्रनेता कुछ देर के लिए अचेत हो गए। इसके बाद अन्य छात्रों ने उन्हें पानी पिलाया। बताते हैं कि दंंडवत यात्रा के दौरान भी सतीश बार-बार गिर जा रहा था। रास्ते में उसने कुछ जगह उल्टियां की थीं।
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छात्रनेताओं ने दंडवत विरोध जुलूस निकाला
- फोटो : अमर उजाला
डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति कार्यालय में हंगामा करने वाले छात्रों ने करीब डेढ़ माह पहले भी बवाल किया था। 13 अगस्त को कार्यालय में कुलपति को करीब चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा था।
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प्रदर्शन करते छात्रनेता
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मंगलवार को भी दो घंटे तक जमकर बवाल काटा। इस दौरान कुछ छात्रनेता जहरीला पदार्थ खाने की धमकी भी दे रहे थे। इसके बाद एलआईयू व पुलिस सतर्क हो गई।
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छात्रनेताओं को वीसी दफ्तर से बाहर निकालती पुलिस
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कुलपति कार्यालय पर विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने 13 अगस्त को चार घंटे तक प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुलपति कार्यालय का गेट बंद कर दिया था। इससे कुलपति कार्यालय में मौजूद शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी अंदर ही फंसे रह गए थे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद छात्रों को रात आठ बजे वहां से हटाया था।
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जीप में बिठाकर थाने ले जाती पुलिस
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मुख्य नियंता प्रो. सतीश चंद्र पांडेय की तहरीर के आधार पर कैंट पुलिस ने 16 अगस्त को सात के खिलाफ केस दर्ज किया। इसमें प्रतीक तिवारी, सत्यम गोस्वामी, मानवेंद्र यादव, अभिषेक यादव, हर्ष यादव, आदित्य पासवान और सतीश प्रजापति के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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अचेत हो गए छात्रनेता
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अचेत हो गए दो छात्रनेता
कुलपति कार्यालय पर मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान सतीश प्रजापति और सत्यम गोस्वामी की हालत बिगड़ गई। दोनों छात्रनेता कुछ देर के लिए अचेत हो गए। इसके बाद अन्य छात्रों ने उन्हें पानी पिलाया। बताते हैं कि दंंडवत यात्रा के दौरान भी सतीश बार-बार गिर जा रहा था। रास्ते में उसने कुछ जगह उल्टियां की थीं।
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विरोध जताते छात्रनेता
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दे चुके हैं माफीनामा
प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं को अगस्त में निलंबित करने की तैयारी थी। बाद में इन्होंने कुलपति के समक्ष प्रस्तुत होकर माफी मांगी थी और दोबारा ऐसा न करने की बात कही थी। कुलपति ने इनके अभिभावकों को भी बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए। बाद में छात्रहित में इनको निलंबित करने का फैसला रोक दिया गया।
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विरोध जताते छात्रनेता
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छात्रसंघ बहाली को लेकर बढ़ रहा गुस्सा
विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग काफी समय से चल रही है। कई बार छात्रनेता प्रदर्शन कर चुके हैं। पिछले दिनों उन्होंने कुलपति को ज्ञापन भी दिया था, लेकिन कोई फैसला न होने की वजह से नाराजगी बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शन करने वालों में छह बाहरी
प्रदर्शन करने वालों में छह विश्वविद्यालय के छात्र, पांच संबद्ध महाविद्यालय और एक विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र है।
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विरोध कर रहे छात्रनेता को ले जाती पुलिस
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पुलिस ने गुलरिहा बाजार के सतीश प्रजापति, गोला के गौरखास निवासी प्रतीक तिवारी, रामगढ़ताल के दाउदपुर के राजवीर यादव, देवरिया के रुद्रपुर थाना के हवली बलिया निवासी विशाल सिंह श्रीनेत, खोराबार जंगल सिकरी के विनोद यादव, इंदिरानगर के सिद्धार्थ यादव, खजनी बंजरिया के विशाल यादव, इंदिरा नगर के अभिषेक यादव, गोला जानीपुर के अमन पासवान, खजनी के सखरुआ निवासी संजय यादव, खजनी बाजार के दिव्यांश सिंह और उरुवा बाजार के सत्यम गोस्वामी पर केस दर्ज किया है
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हंगामे के दौरान
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निलंबन और प्रवेश प्रतिबंधित करने की तैयारी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर विश्वविद्यालय प्रशासन निलंबन की तैयारी कर रहा है। इसमें शामिल छात्रों और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश विश्वविद्यालय में प्रतिबंधित किया जाएगा। पिछली बार तैयारी थी, लेकिन इनका भविष्य खराब न हो, इसके लिए छोड़ दिया गया।
कुलपति प्रो पूनम टंडन ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन वह भीड़ के साथ अंदर आने की जिद पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस से नोकझोंक हो गई। पिछली बार हंगामे के बाद छात्रहित को देखते हुए इनको निलंबित नहीं किया गया था। इन्होंने अपना माफीनामा लिखकर दिया था।