Baba tameshwar nath
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जिन लोगों का नया मकान बनता था, वे लोग दरवाजा और किवाड़ खरीदने के लिए तामेश्वरनाथ मेले का इंतजार करते थे। आज मेले में लकड़ी की दुकानों पर बेड, तख्त, कुर्सी, मेज सहित अन्य सामान मौजूद हैं, लेकिन नक्काशीदार दरवाजे और किवाड़ नदारद हैं।