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गोरखपुर शहर में है एक ऐसा मंदिर, जहां होता है लोगों की बीमारियों का इलाज

Fri, 05 Jun 2020 08:22 AM IST
vivek shukla अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
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Arogya Mandir - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर शहर में एक ऐसा मंदिर है जहां लोगों की बीमारियों का इलाज होता है वह भी धूप, मिट्टी, हवा और पानी जैसी प्रकृतिक चीजों से। चौंकिए मत, हम बात कर रहे हैं शहर के मेडिकल कॉलेज रोड पर आम बाजार में स्थित प्राकृतिक चिकित्सालय आरोग्य मंदिर की। इस चिकित्सालय की पहचान पूरे पूर्वांचल में है। विश्वस्तरीय प्राकृतिक चिकित्सा का यह ऐसा केंद्र है जहां बिना किसी दवा के ही मरीजों को कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है। देश ही नहीं बल्कि पूरे दुनिया से लोग यहां आकर अपना इलाज कराते हैं। अब तक एक लाख से ज्यादा मरीज यहां से स्वस्थ्य हो चुके हैं।
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Arogya Mandir - फोटो : अमर उजाला।
ये है कहानी आरोग्य मंदिर के स्थापना की
आरोग्य मंदिर के संस्थापक विट्ठल दास मोदी स्नातक की परीक्षा देते समय गंभीर रूप से अस्वस्थ हो गए थे। तीन साल तक उन्होंने एलोपैथ की दवा कराई लेकिन आराम नहीं मिला। अंतत: वह प्राकृतिक चिकित्सा से ठीक हुए। उसी समय उन्होंने प्रकृति के इस वरदान को घर-घर पहुंचाने का संकल्प ले लिया। संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने 1940 में सबसे पहले किराये के मकान में आरोग्य मंदिर की स्थापना की। 1962 में आरोग्य मंदिर का अपना भवन बना और तभी से यह प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र आम बाजार, मेडिकल कॉलेज रोड स्थित अपने भवन में संचालित हो रहा है।
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Arogya Mandir - फोटो : अमर उजाला।
छह एकड़ में फैला है आरोग्य मंदिर
प्राकृतिक वातावरण से सुसज्जित आरोग्य मंदिर कुल परिसर छह एकड़ में फैला हुआ है। अभी तक इस केंद्र से प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित 26 पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है। 1947 से यहां से मासिक पत्रिका आरोग्य का प्रकाशन किया जा रहा है। इसके पाठक देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हैं। वर्तमान में हर माह इस पत्रिका की 10 हजार प्रतियां प्रकाशित होती हैं।

ऐसे होता है आरोग्य मंदिर में इलाज
आहार नियंत्रण, मालिश, भाप स्नान, धूप स्नान, जल चिकित्सा, उपवास, मिट्टी पट्टी, गीली पट्टी, कसरत, योगासन, सुबह-शाम टहलना आदि के माध्यम से यहां मरीजों का इलाज होता है।

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Arogya Mandir - फोटो : अमर उजाला।
इन बीमारियों का होता है इलाज
आरोग्य मंदिर में दमा, कब्जियत, मधुमेह, कोलाइटिस, अल्सर, अम्ल पित्त, ब्लडप्रेशर, अर्थराइटिस, एक्जिमा, मोटापा व एलर्जी आदि बीमारियों का इलाज होता है।

स्व. विट्ठल दास की विरासत को ये बढ़ा रहे आगे
स्व. विट्ठल दास मोदी के पुत्र और वर्तमान में आरोग्य मंदिर के निदेशक डॉ. विमल मोदी पिता से मिली विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। वह न केवल प्राकृतिक चिकित्सालय का संरक्षण कर रहे हैं बल्कि उसकी ख्याति को आगे बढ़ाने का कार्य भी कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें डॉ. स्मिता मोदी एवं डॉ. राहुल मोदी का सहयोग मिल रहा है।
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Arogya Mandir - फोटो : Arogya Mandir
आरोग्य मंदिर के नाम है मिट्टी लेप का एशियन रिकॉर्ड
एशिया बुक ऑफ रिकार्ड की देखरेख में 18 नवंबर 2019 में आरोग्य मंदिर में 508 लोगों को सर्वांग मिट्टी लेप लगाकर कर नया रिकार्ड बनाया गया। नया एशिया रिकॉर्ड बनाया। इसके पूर्व यह रिकॉर्ड दिल्ली के नाम था।
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