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तस्वीरें: कुशीनगर पहुंचा सैनिक का पार्थिव शरीर तो रो पड़ा पूरा गांव, अंतिम संस्कार से पूर्व ग्रामीणों ने घेरा सांसद की गाड़ी

Fri, 09 Oct 2020 03:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, कुशीनगर।
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मौके पर जुटे ग्रामीण व रोते बिलखते परिजन (इनसेट में सैनिक की फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के पटहेरवा थाना क्षेत्र के बदुरांव गांव के सैनिक रामेश्वर गुप्ता का पार्थिव शरीर गुरुवार की देर रात घर लाया गया। पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। इस दौरान परिजनों की चीख पुकार सुनकर सभी की आंखें भर आई। सुबह होते ही परिजन मुख्यमंत्री को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान मौके पर देवरिया के सांसद रमापति राम त्रिपाठी व फाजिलनगर के विधायक गंगा सिंह कुशवाहा सहित अन्य लोग पहुंचे।
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मौके पर जुटे ग्रामीण व रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला।
सांसद व विधायक द्वारा काफी देर तक मान मनौव्वल के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। अंतिम यात्रा निकलने के बाद गांव के लोग दरवाजे पर गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिए जाने से नाराज होकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी कर रहे लोग सांसद रमापति राम त्रिपाठी की गाड़ी के आगे खड़े हो गए। पुलिस ने किसी तरह से मामला शांत कराकर अंतिम संस्कार कराया।
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मौके पर जुटे ग्रामीण व रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला।
गौरतलब है कि बदुराव गांव निवासी रामेश्वर गुप्ता (45) सेना से जुड़े सीमा सड़क संगठन के जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स में गनमैन थे। उनकी ड्यूटी तिनसुकिया में थी। फिलहाल वह भारत-चीन के करौली बॉर्डर पर तैनात थे। मंगलवार की सुबह उनकी ड्यूटी के दौरान मौत की खबर घरवालों को मिली थी।

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मौके पर जुटे ग्रामीण व रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला।
स्व. सिंगासन गुप्ता के तीन पुत्रों और दो पुत्रियों में रामेश्वर गुप्ता सबसे छोटे थे। वह अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी, दो बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। परिजनों ने बताया कि रामेश्वर वर्ष 1995 में बीआरओ में नियुक्त हुए थे। इस वर्ष 27 जनवरी को वह छुट्टी पर घर आए थे और 19 मार्च को ड्यूटी पर वापस जाना था लेकिन लॉकडाउन की वजह से तीन माह की छुट्टी ले ली थी।
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रोते- बिलखते परिजन। (इनसेट में सैनिक की फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
बीते 23 जून को रामेश्वर ड्यूटी पर चले गए थे। छुट्टी में गांव रहने के दौरान उन्होंने अपनी बड़ी बेटी के लिए शादी का रिश्ता भी तय कर दिया था। अगले साल 30 अप्रैल बेटी की शादी होनी है। ऐसे में घर में शादी की तैयारी चल रही थी। रामेश्वर परिवार के लोगों से कहकर गए थे कि अब शादी के एक माह पहले छुट्टी लेकर घर आएंगे। रामेश्वर की पत्नी मीना देवी, माता मौलेश्वरी देवी, दो पुत्रियां पिंकी और रिंकी तथा दो पुत्रों अजीत और लोकेश का रो-रो कर बुरा हाल है।
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