सैनिटाइजेशन के बाद मिला विद्यालय में प्रवेश।
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सात महीने बाद पुराने सहपाठियों से मिले भी तो दूर-दूर से ही एक-दूसरे का कुशलक्षेम पूछा। स्कूल के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बनाए गए गोलों का कक्षा के अंदर आने और जाने के लिए इस्तेेमाल किया। शासन के निर्देश के मुताबिक नौंवी से बारहवीं के 50 फीसदी विद्यार्थियों को अभिभावकों की सहमति पर ही स्कूल बुलाया गया। तीन-तीन घंटे के दो शिफ्ट में पढ़ाई हुई। पहली पाली में नौंवी और दसवीं (सुबह 8:50-11:50 बजे) तो दूसरी पाली में दोपहर 12:20-3:20 बजे तक 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को विद्यालय बुलाया गया। बीच के आधे घंटे के दौरान स्कूल परिसर को सैनिटाइज कराया गया। सभी स्कूलों में मेडिकल रूम के तहत दो बेड, ऑक्सीजन, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर की व्यवस्था रही।