कोरोना वायरस।
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लगातार मरीजों को दवाई खानी पड़ी है, जबकि दूसरी लहर में संक्रमण की दर सबसे अधिक थी। फिर भी मरीजों के फेफड़े को ठीक होने में कम समय लगा है। हालांकि, दूसरी लहर में 25 से 30 मरीज ऐसे भी मिले हैं जिनके फेफड़े बदलने तक की नौबत तक आ चुकी है, जबकि पहली लहर में ऐसे मरीज नहीं मिले थे।