Sankashti Chaturthi
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(चतुर्थी यदि पंचमी से युक्त है तो वह अग्राह्य है, क्योंकि पंचमी के स्वामी सर्प या नाग देवता है। गणेश और नागदेव का संबंध विपरीत होने से यह मान्य नहीं है।) इस दिन गौरी व्रत भी किया जाता है। अत: इस दिन योगिनी गण सहित गौरी की पूजा करनी चाहिए। स्त्रियों को कुंद पुष्प, कुंकुम, लाल सूत, लाल फूल, महावर, धूप, अदरक, दूध, खीर इत्यादि से गौरी की उपासना करनी चाहिए। गणेश जी के अर्घ्य में जल, पुष्प, सुपाड़ी, अक्षत, फल, चंदन और दक्षिणा का प्रयोग करना चाहिए। इससे भगवान गणेश प्रसन्न होकर अभीष्ट फल प्रदान करते हैं।