कोरोना का नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी
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नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए की जाती है जीन मैपिंग
माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि वायरस के स्ट्रेन का पता जीन मैपिंग के आधार पर किया जाता है। यह सुविधा प्रदेश में लखनऊ के केजीएमयू और वाराणसी के बीएचयू में हैं। इसके अलावा दिल्ली मैक्स में भी यह सुविधा उपलब्ध है। यही वजह है कि दोनों बार नमूने केजीएमयू भेजे गए थे।